मुरादाबाद: ब्लैक फंगस के मरीज करा रहे नेजल एंडोस्कापी, अस्पताल व बाजार से दवा गायब

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मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना के बाद आई ब्लैक फंगस माहमारी ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है। अफसरों के साथ ही निजी चिकित्सक भी संक्रमण को लेकर पशोपेश की स्थिति में है। अस्पतालों में इसकी दवाएं और सही इलाज भी उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते अफसर भी हाथ खड़े करते नजर आ रहे हैं। …

मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना के बाद आई ब्लैक फंगस माहमारी ने स्वास्थ्य विभाग में हलचल मचा दी है। अफसरों के साथ ही निजी चिकित्सक भी संक्रमण को लेकर पशोपेश की स्थिति में है। अस्पतालों में इसकी दवाएं और सही इलाज भी उपलब्ध नहीं है। जिसके चलते अफसर भी हाथ खड़े करते नजर आ रहे हैं। संक्रमण से ग्रस्त मरीजों को सही वक्त पर उपचार न मिलने पर जान गंवानी पड़ सकती है। चिकित्सक इससे बचाव का केवल सही उपाय साफ-सफाई और शुगर को काबू करना ही बता रहे हैं।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. स्मिता अग्रवाल की माने तो संक्रमण के लक्षण आने पर मरीजों की नेजल एंडोस्कापी, कंट्रास एमआरआई की जांच कराई जा रही है। इस जांच में पुष्टि न होने के बाद मरीजों का कल्चर भी कराया जा रहा है। हालांकि कल्चर की जांच करीब तीन से चार दिन में लोगों के हाथ लग पा रही है। जबकि नेजल एंडोस्कापी और कंट्रास एमआरआई जांच एक दिन में ही लोगों को मिल जा रही है। उन्होंने बताया कि यह संक्रमण इतना घातक है कि 15 दिन में आंख, नाक और मुंह से होता हुआ सीधा दिमाग पर असर डाल रहा है। अधिकतर ये संक्रमण कोरोना संक्रमित और ठीक हुए लोगों में ही पाया जा रहा है। जनपद में इसके कई मामले सामने आ चुके है। इसके साथ ही मरीजों को सही उपचार व दवा न मिलने की वजह से रेफर भी किया जा चुका है।

इन जाचों में हो रही पुष्टि
कोरोना के बाद सही हुए मरीजों में लक्षण आने पर पहले नेजल एंडोस्कापी कराई जा रही है। उसके बाद यह संक्रमण ने अंग को कितना खराब किया है उसके लिए कंट्रास एमआरआई कराई जा रही है , ताकि मरीजों का उपचार सही समय पर हो सके।

प्रतिरोद्ध क्षमता कम होने पर संक्रमण की चपेट में आ रहे लोग
कोरोना संक्रमण में उपचार के दौरान देने वाली दवाओं के कारण लोगों में रोग प्रतिरोद्ध क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से अधिकतर लोग ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं। जबकि इस फंगस से बचने के लिए लोगों को साफ-सफाई रखना बेहद जरूरी है।

शुगर से ग्रस्त लोग रहे सावधान
आज के दौर में अधिकतर लोगों में शुगर व ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों से ग्रस्त हैं। ऐसे में कोरोना होने के बाद इन लोगों में ये संक्रमण फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। शुगर के मरिजों को ज्यादा से ज्यादा ध्यान देना चाहिए, ताकि इस संक्रमण की ग्रफ्त में आने से बच सके।

ऐसे होगी संक्रमण की पहचान
आखों में लालपन
सर में दर्द
नाक से खून और पानी आना
फेफडों में तेज बुखार, खासी व अन्य दिक्कत आना

ब्लैक फंगस की दवाई फिलहाल अस्पताल में नहीं आई है, जिस वजह से मरीजों को मेरठ रेफर किया जा रहा है, ताकि मरीजों का सही उपचार हो सके। लक्षण आने पर उन लोगों की जांच भी कराई जा रही है। -जीएस, मारतोलिया, एसीएमओं

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