मुरादाबाद : बीस हजार का इनामी बदमाश बना गांव का प्रधान, एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
मुरादाबाद, अमृत विचार। एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए 20 हजार के इनामी के प्रधान बनने की जानकारी मिलने पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। आला अफसरों को इसकी जानकारी हुई तो वे विधिक राय लेने के साथ ही आरोपी का रिकार्ड खंगालने में जुट गए। इनामी बदमाश चुनाव लड़ सकता है या नहीं, इसकी जानकारी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किए गए 20 हजार के इनामी के प्रधान बनने की जानकारी मिलने पर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। आला अफसरों को इसकी जानकारी हुई तो वे विधिक राय लेने के साथ ही आरोपी का रिकार्ड खंगालने में जुट गए। इनामी बदमाश चुनाव लड़ सकता है या नहीं, इसकी जानकारी के लिए अफसरों ने एक-दूसरे से संपर्क शुरू कर दिया। रिकार्ड खंगालने के बाद मालूम हुआ कि गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध होने व इनाम घोषित होने से पहले ही वह चुनाव जीत चुका था। विधिक राय लेने पर मालूम हुआ कि नियमानुसार वह चुनाव लड़ सकता था। यह जानकारी होने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।
चुनाव संपन्न होने के बाद हुई गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
विभागीय सूत्रों के अनुसार शराब तस्करी के मामले में संजय जमानत पर चल रहा था। उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सिविल लाइंस कोतवाली में आठ मई को मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके कुछ दिन बाद संजय पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। जबकि गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई से पहले ही मतगणना के साथ परिणाम भी घोषित हो चुका था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जब मीडियाकर्मियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने विभागीय अफसरों को फोन किया। सवाल पूछा कि क्या फरार व इनामी बदमाश चुनाव लड़ सकता है या नहीं तो अफसरों में भी हड़कंप मच गया। आनन-फानन में रिकार्ड खंगालने के साथ ही विधिक राय ली गई। विधिक राय लेने पर भी यह ही बताया गया कि मुकदमा दर्ज व इनाम घोषित होने से पहले वह चुनाव लड़ने का हकदार है। इसके बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।
फरवरी में हुआ था अवैध शराब के कारोबार का भांडाफोड़
आठ फरवरी को एसटीएफ बरेली ने सिविल लाइंस पुलिस की मदद से अगवानपुर में दबिश देकर अमिश्रित शराब बनाने वाले गिरोह का भांडाफोड़ किया था। पुलिस ने गिरोह के आठ सदस्यों को दबोचने के बाद उनके पास से 30 हजार लीटर एक्सट्रा न्यूट्रल अल्कोहल बरामद किया था। सिविल लाइंस पुलिस ने सभी का चालान कर दिया था। इस मामले में कटघर थाना क्षेत्र के मोहल्ला बलदेवपुरी, बसंत विहार निवासी बंटी सैनी व भगतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम निवाड़ खास निवासी संजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। बाद में वे जमानत पर रिहा हो गए थे।
साथी के बयान से हुआ खुलासा
सिविल लाइंस पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया था। रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ दिनों बाद ही दोनों पर 20-20 हजार रुपये का ईनाम घोषित कर दिया गया। इनाम की घोषणा के बाद एसटीएफ भी दोनों की खोज में जुट गई। एसटीएफ उपनिरीक्षक राघवेंद्र सिंह, आरक्षी नितिन ने टीम के साथ सूचना मिलने पर कटघर क्षेत्र में दबिश देकर बंटी सैनी को गिरफ्तार कर लिया। उसे कटघर पुलिस के सुपुर्द करने के बाद पूछताछ की तो उसने संजय के बारे में चौकाने वाली जानकारी दी। बंटी ने एसटीएफ को बताया कि जमानत पर छूटने के बाद संजय अपने गांव निवाड़ खास से प्रधानी का चुनाव लड़ा। जीतने के साथ ही मंगलवार को उसने शपथ भी ले ली। अब वह फरार होने की फिराक में हैं।
हरकत में आई एसटीएफ ने संजय को भी दबोचा
जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ संजय की तलाश में जुट गई। बुधवार को सूचना मिली कि वह मझोला थाना क्षेत्र में टैंपो स्टैंड के पास मौजूद है तथा भागने की फिराक में है। इस पर एसटीएफ टीम ने दबिश देकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद मझोला थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। कानूनी कार्रवाई के बाद उसका चालान कर दिया गया।
एएसपी ने अनिल कुमार यादव कहा कि रिकार्ड खंगालने के बाद मालूम हुआ कि गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होने से पहले वह चुनाव लड़ सकता था। आठ मई को उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लिहाजा पुलिस से चूक होने की बात सामने नहीं आ रही है।
