मुरादाबाद : जिला अस्पताल में बच्चों के लिए बनेगा आइसोलेशन वार्ड, 20 जून तक हो जाएगा तैयार
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर के हमले से बच्चों को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में चाइल्ड आइसोलेशन वार्ड की तैयारी को लेकर जुगत शुरू हो गई है। इसके लिए नोडल अधिकारी भी बना दिए गए हैं। साथ ही पलंगों की संख्या और ऑक्सीजन …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर के हमले से बच्चों को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में चाइल्ड आइसोलेशन वार्ड की तैयारी को लेकर जुगत शुरू हो गई है। इसके लिए नोडल अधिकारी भी बना दिए गए हैं। साथ ही पलंगों की संख्या और ऑक्सीजन व अन्य सामान की व्यवस्था को लेकर भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। 20 जून तक इस वार्ड को तैयार किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस साल दूसरी लहर में बच्चों के भी काफी संख्या में संक्रमित होने और तीसरी लहर में बच्चों पर अधिक खतरे की आशंका के कारण सरकार हर जिले में पुख्ता व्यवस्था को लेकर जोर दे रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में भी बच्चों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।
जिला अस्पताल में भी इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। डिप्टी सीएमओ डा. संजीव बेलवाल ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में 40 बेड रहेंगे। हर पलंग के साथ ऑक्सीजन की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए पाइपलाइन के जरिए बेड तक ऑक्सीजन सप्लाई की जाएगी। अस्पताल के ही चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके साथ ही इस वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चे बाल रोग विशेषज्ञों की निगरानी में रहेंगे।
12 साल तक के बच्चे होंगे भर्ती
चाइल्ड आइसोलेशन वार्ड में शून्य से 12 साल तक के बच्चों को भती किया जाएगा। कोरोना की चपेट में आने वाले इन बच्चों की देखरेख के लिए स्टाफ को अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
लखनऊ से आएगा सामान
चाइल्ड आइसोलेशन वार्ड को लेकर शुरू होने जा रही तैयारी में अधिकांश सामान लखनऊ से ही आएगा। पाइपलाइन से लेकर बेड व अन्य व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। बताया जाता है कि प्रस्ताव के अनुसार जो भी जरूरत का सामान होगा, वह सीधे लखनऊ से ही जिले को भेजा जाएगा।
इन बातों का रखा जाएगा ध्यान
कोरोना की चपेट में आने के बाद भर्ती होने वाले बच्चों की देखरेख को लेकर विशेष व्यवस्था रहेगी। जो बच्चे नवाजात होंगे, उनकी मां भी साथ में रह सकती हैं। इस दौरान उन्हें पीपीई किट की सुरक्षा भी दी जाएगी। जो बच्चे अकेले रह सकते हैं, उनकी देखरेख के लिए स्टाफ को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में उनके परिवारीजनों को भी अवगत कराया जाता रहेगा।
शासन से निर्देश मिले हैं। इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द ही वार्ड तैयार किए जाने पर काम शुरू हो जाएगा। कोशिश रहेगी कि जितने समय का लक्ष्य दिया गया है, उससे पहले उसे पूरा कर लिया जाए। अभी बजट तय नहीं हुआ है। -डा. कल्पना सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
