बरेली: जहरीली शराब पकड़ने में भी पुलिस का खेल
बरेली, अमृत विचार। अलीगढ़ में जहरीली शराब से 50 से अधिक लोगों की मौत कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जहरीली शराब से कई लोगों की जान जा चुकी है। कुछ दिनों पहले ही अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और बदायूं में जहरीली शराब से 24 लोगों की जान चली …
बरेली, अमृत विचार। अलीगढ़ में जहरीली शराब से 50 से अधिक लोगों की मौत कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जहरीली शराब से कई लोगों की जान जा चुकी है। कुछ दिनों पहले ही अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और बदायूं में जहरीली शराब से 24 लोगों की जान चली गई थी।
ऐसे में जहरीली, कच्ची, मिलावटी व अवैध शराब की बिक्री को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जब प्रदेश के किसी भी जिले में शराब पीने से मौत होती है तो पूरे प्रदेश में अभियान चलाकर तस्करों की धरपकड़ की जाती है और उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। अभियान के दौरान भी पुलिस खेल करती है।
धरपकड़ के नाम पर कोई थाना पांच लीटर तो कोई 10 या 20 लीटर कच्ची शराब के साथ तस्कर को पकड़ लेती है। जिन लोगों को पुलिस पकड़ती है, वह पहले से ही उस क्षेत्र में धंधा कर रहे होते हैं लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं होती है। जब तक मौत ना हो। अलीगढ़ में मौतों के बाद जब शनिवार को बरेली पुलिस ने अभियान चलाया तो सभी थानों से जो रिपोर्ट आई, वह इसी तरह के खेल को उजागर करती है।
शनिवार को जिले के सभी थानों की पुलिस को अभियान चलाकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। महिला थाना को छोड़कर 28 थानों की पुलिस में से 22 थानों ने कार्रवाई की और छह थानों ने कोई कार्रवाई ही नहीं हुई। हालांकि सभी थानों में शराब की दुकानें जरूर जांची गई। कई दुकानों पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पहुंचे लेकिन किसी दुकान से कोई गड़बड़ी नहीं मिली। जिले में 550 से अधिक शराब की दुकानें हैं, जिसमें शनिवार को सिर्फ 195 पर ही चेकिंग हो सकी।
पुलिस ने अभियान के दौरान 52 मुकदमें दर्ज कर 54 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। किसी थाना में एक तो किसी में दो तो किसी में तीन, इस तरह से रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान प्रेमनगर पुलिस ने पांच लीटर शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया। कैंट, सुभाषनगर, देवरनियां, मीरगंज, शेरगढ़, भोजीपुरा, फतेहगंज पश्चिमी थानों की पुलिस ने 20-20 लीटर शराब पकड़ी। 20-20 लीटर शराब दो लोगों से पकड़ी गई, इसका मतलब है कि एक व्यक्ति के पास से 10 लीटर शराब पकड़कर खानापूर्ति कर दी गई।
अभियान के दौरान सीबीगंज, आंवला, बिथरी चैनपुर, क्योलड़िया, नवाबगंज और विशारतगंज में तो कोई कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को भी अभियान चलाया गया लेकिन इस दौरान भी इसी तरह की कार्रवाई की गई। जिन थानों ने बड़ी कार्रवाई की, उन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि अचानक उन्हें कैसे इस तरह के धंधे का पता चल गया और उन्होंने तस्करों को पकड़ लिया, क्या उन्हें पहले से ही इसकी जानकारी थी।
