मुरादाबाद: सांसद डॉ. एसटी हसन ने केंद्र पर बोला हमला, कहा-7 साल से अपनी पीठ थपथपा रही सरकार
लखनऊ। समाजवादी पार्टी से मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन का विवादित बयान सामने आया है। डॉ. हसन ने बुधवार को कहा कि 10 दिन में दोनों तूफान का आना और कोरोना महामारी की वजह से हजारों जानों का जाना यह सब निशानी है पिछले सात साल में सरकार द्वारा की गई नाइंसाफियों की। पिछले …
लखनऊ। समाजवादी पार्टी से मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन का विवादित बयान सामने आया है। डॉ. हसन ने बुधवार को कहा कि 10 दिन में दोनों तूफान का आना और कोरोना महामारी की वजह से हजारों जानों का जाना यह सब निशानी है पिछले सात साल में सरकार द्वारा की गई नाइंसाफियों की।
पिछले 7 साल में मुसलमानों के साथ भेदभाव हुआ। नौकरी, लाइसेंस या कोई भी मामला क्यों न हो, हर जगह नाइंसाफी हुई है। सरकार ने शरीयत के साथ छेड़छाड़ की। मुसलमानों को नागरिकता देने से मना कर दिया। तीन तलाक पर नाइंसाफी की। इसके कारण देश में आसमानी तूफानें आ रही हैं। लोग कोरोना से मर रहे हैं। जब जमीन पर रहने वाले इंसाफ नहीं करते तो ऊपर वाला इंसाफ करता है। ये ऊपर वाले का इंसाफ है।
7 साल से केवल अपनी पीठ थपथपा रही है सरकार
डॉ. हसन ने कहा कि जिस तरह की यह सरकार है और उसके हाकिम हैं उसे देखकर यही लगता कि आने वाले समय में और भी आसमानी आफत आ सकती है। ये सरकार पिछले 7 साल से केवल अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन इन 7 सालों में देश की जनता का जो हश्र हुआ वो सबके सामने है।
जानिए कौन हैं डॉ. हसन?
डॉ. एसटी हसन मुरादाबाद से सपा के सांसद हैं। उनकी उम्र 60 साल है। उन्होंने एमबीबीएस और एमएस (सर्जन) की पढ़ाई की है और वह मेडिकल प्रैक्टिस भी करते हैं। 2019 में वह पहली बार सांसद बने। इसके पहले वह लगातार मरीजों का इलाज करते थे। एसटी हसन के पिता का नाम सैयद नासिर हुसैन है।
नासिर अंग्रेजों के जमाने के अधिकारी थे। एसटी हसन के राजनीतिक कॅरियर की शुरूआत 2006 में हुई थी। उन्हें सपा के कद्दावर नेता आजम खान राजनीति में ले आए थे। 2006 में वह मुरादाबाद के मेयर बने थे। इसके बाद अप्रैल 2009 में वह बसपा में शामिल हो गए, बाद में वापस सपा ज्वाइन कर लिए थे।
