बरेली: पुलिस चौकी से चंद कदम दूर यात्री शेड में दारू पार्टी, गालीगलौच कर फैलाई अराजकता
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में मुख्यमंत्री से लेकर जो भी मंत्री और बड़े अधिकारी बरेली दौरे पर आए हैं। एक बात जरूर कही कि भाजपा शासन में कानून का राज चल रहा है। गुंडे, बदमाश और अराजक तत्व दुबक गए हैं लेकिन इनका दावा बरेली शहर में झूठा साबित हो रहा है। कुछ माह …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में मुख्यमंत्री से लेकर जो भी मंत्री और बड़े अधिकारी बरेली दौरे पर आए हैं। एक बात जरूर कही कि भाजपा शासन में कानून का राज चल रहा है। गुंडे, बदमाश और अराजक तत्व दुबक गए हैं लेकिन इनका दावा बरेली शहर में झूठा साबित हो रहा है। कुछ माह से बरेली में आपराधिक घटनाएं बढ़ रहीं हैं। रविवार की दोपहर खुलेआम चार युवकों ने गुंडई की, वो भी चौकी चौराहा पुलिस चौकी से चंद कदम दूरी पर।
दोपहर करीब 12.40 बजे का समय था। एकाएक आसमान में काले बादल छाने के साथ घनघोर बारिश शुरू हो गयी। अचानक बारिश शुरू होने से राहगीरों के सामने खुद को भीगने से बचाने की चुनौती दिखी तो जिसे जहां सिर ढकने की जगह मिली, वह वहां अपनी गाड़ी, साइकिल खड़ी कर रुक गया। कुछ लोग सेठ दामोदर स्वरूप पार्क के नजदीक चौकी चौराहे वाली साइड में बने यात्रीशेड में रुक गए। बारिश से बचते हुए एक व्यक्ति भी अपने परिवार की युवती के साथ वहां आ गए।
धीरे-धीरे वहां लोगों की संख्या 15 से अधिक हो गयी। इसी बीच तीन लड़के नशे की हालत में वहां पहुंचे। उनके साथ के ही दो व्यक्ति बाद में आए। इनमें एक लड़का ज्यादा धुत था। उसने अपनी शर्ट भी निकाल दी। नग्न बदन मूंछे ऐंठते हुए सीधे गालीगलौच से बात कर रहा था। एक दूसरे को गंदी-गंदी गालियां देने लगे तो यात्रीशेड में मौजूद लोग खुद को असहज महसूस करने लगे। युवकों की अराजकता धीरे-धीरे बढ़ती गई। इनमें एक युवक बारिश में भीगते हुए यात्रीशेड के सामने एक काम्पलेक्स की तरफ गया और तीन डिस्पोजल गिलास व दारू की एक हॉफ बोतल व सोडा लेकर वहां वापस आ गया।
यात्रीशेड में पड़ी बेंच पर गिलास रखकर पैक बनाए। गालीगलौच करते हुए तीन लड़कों ने हाथ में गिलास पकड़े गए और पीना शुरू कर दिया। एक व्यक्ति छोटी बोतल से शुरू हो गया। सभी आपस में गोली मारने, नोट कमाने के लिए हत्या करने जैसी बातें भी कर रहे थे। इससे यात्रीशेड में खड़े लोग विरोध नहीं कर सके और लड़कों की गुंडई सहते रहे। गालीगलौच के बाद लड़कों की गुंडई ज्यादा बढ़ी तो यात्रीशेड में मौजूद युवती और उसके परिवार के सदस्य डर गए। व्यक्ति ने बारिश में गुजर रहे टेंपो को हाथ देकर रुकवाया और युवती को टेंपो से घर भेज दिया। इस बीच एक बुजुर्ग महिला अपने बेटे के साथ भीगते हुए पहुंची।
उन्होंने लड़कों की हरकतें देखीं तो वह भी कुछ देर में बारिश में ही चली गईं। करीब 30 मिनट तक लड़कें दोपहर में खुलेआम दारू पार्टी कर अराजकता करते रहे। इस बीच वहां से पुलिस की कई गाड़ियां गुजरीं लेकिन लड़कों के चेहरे पर डर की परछायीं तक नहीं थी। एक दो बुजुर्ग आपस में यही कहते दिखे। इन गुंडों के मुंह कौन लगे। कहते ही झगड़ना शुरू कर देंगे। बाद में बारिश हल्की होने पर अन्य लोग आ गए लेकिन वे लड़के वहीं पर खड़े रहे।
