बरेली: प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में फर्जी मिले 27 लाभार्थी

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बरेली, अमृत विचार। बिथरी ब्लॉक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में विभागीय कर्मचारियों व अपात्र लाभार्थियों की मिलीभगत से एक करोड़ रुपये से अधिक घोटाले का खुलासा हुआ है। यहां 3500 अपात्र महिलाओं को लाभार्थी दिखा दिया गया और प्रत्येक को योजना के तहत 5-5 हजार रुपये भी मिल गए। जब शिकायत मिली तो घोटाले …

बरेली, अमृत विचार। बिथरी ब्लॉक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में विभागीय कर्मचारियों व अपात्र लाभार्थियों की मिलीभगत से एक करोड़ रुपये से अधिक घोटाले का खुलासा हुआ है। यहां 3500 अपात्र महिलाओं को लाभार्थी दिखा दिया गया और प्रत्येक को योजना के तहत 5-5 हजार रुपये भी मिल गए।

जब शिकायत मिली तो घोटाले से महकमे में हड़कंप मच गया। एसीएमओ ने जांच शुरू की तो रिकार्ड में रखे दस्तावेज पर सोडियम हाइपोक्लोराइड का छिड़काव कर नाम-पते ही मिटा दिए। एसीएमओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्टाफ को दोषी पाया है। आगे की कार्रवाई के लिए जिला प्रशासनिक अधिकारी को मामले की रिपोर्ट देने को कहा गया था, जिसमें मंगलवार को 27 लाभार्थी और अपात्र पाए गए हैं।

बिथरी ब्लॉक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में हुए घोटाले में एक डाक्टर समेत चार लोगों की भूमिका संदिग्ध मिल रही है। जिला प्रशासनिक अधिकारी डा. राकेश ने मंगलवार को जांच में बेनीपुर सादात गांव में जांच की तो पता चला कि वहां 27 महिलाएं फर्जी तरीके से लाभार्थी बनी हैं। तीन अन्य गांवों में भी अब तक 52 महिलाएं ऐसी मिल चुकी हैं, जो अपात्र होते हुए भी योजना में लाभार्थी बनाई गई हैं। ऐसी महिलाओं का बयान दर्ज किया जाएगा और उसके बाद दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। योजना के तहत बिथरी ब्लाक में 3,500 अपात्र महिलाओं को लाभार्थी बनाया गया है।

प्रत्येक महिला के खाते में योजना के 5-5 हजार रुपये आए हैं और घोटालेबाजों ने उसमें 4 हजार रुपये बतौर कमीशन लिया है। बेनीपुरा सादात गांव में अब तक हुई जांच में कुसुम देवी, परवीन, महरुनिशा, नत्थो देवी, शन्नो, डौली देवी, अफसाना, शुगरा, पूजा देवी, रवीना, रेशमा समेत कुल 27 फर्जी लाभार्थी पकड़े जा चुके हैं। जिला प्रशासनिक अधिकारी डा. राकेश ने बताया कि इन महिलाओं के बयान दर्ज किए जाएंगे और बैंक खातों के सत्यापन के बाद घोटाले की पुष्टि होने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

हाइपोक्लोराइड छिड़ककर फाइलें की खराब
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रत्येक लाभार्थी महिला को तीन किश्तों में 5000 रुपये मिलते हैं। बीते साल मझगवां ब्लॉक में भी गड़बड़ी सामने आई थी। अब बिथरी चैनपुर ब्लॉक में एक करोड़ से अधिक का घोटाला पकड़ा गया है। बिथरी ब्लाक में 7 हजार से अधिक महिलाओं को योजना के तहत पात्र दिखाया गया था और सभी के खाते में 5-5 हजार रुपये का अनुदान दिलाया गया था।

इसी बीच शिकायत मिली कि कई ऐसी महिलाओं को प्रसूता दिखाया गया है, जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है। उनके 15-20 साल के बच्चे हैं। कई शिकायतों के बाद बिथरी ब्लाक से सभी लाभार्थियों का रिकार्ड मांगा गया लेकिन दस्तावेज नहीं मिले। एसीएमओ डा. आरएन गिरी ने मामले की जांच शुरू की।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थी महिलाओं के घर जाकर भौतिक सत्यापन होने लगा तो ब्लाक में घोटालेबाजों ने नया खेल कर दिया। वहां रिकार्ड रूम में सोडियम हाइपोक्लोराइड छिड़क दिया, जिससे फाइलें ही खराब हो गईं। फार्म पर लिखे नाम-पते मिट गए और योजना के दस्तावेज रद्दी के कागज बन गए। एसीएमओ की जांच में सामने आया है कि 2000 से अधिक महिलाओं को गलत तरीके से पात्र बनाकर 5-5 हजार रुपये का अनुदान दिलाया गया है और इस तरह एक करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ है।

अपात्र महिलाओं के लाभ देने की मिली शिकायत

जिला प्रशासनिक अधिकारी डाॅ. राकेश यादव ने बताया कि बिथरी ब्लॉक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अपात्र महिलाओं को लाभ दिए जाने की शिकायत मिली थी। इसकी जांच में पता लगा कि ब्लॉक के बेनीपुर सादात में 27 लाभार्थी और फर्जी पाए गए हैं, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।

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