लखीमपुर-खीरी: दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटन सत्र समाप्त
पलियाकलां/लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। दुधवा टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र 2020-21 के समाप्त होने के साथ ही मंगलवार 15 जून से पर्यटकों के लिए दुधवा के दरवाजे बंद कर दिए गए। सैलानी अब 5 माह बाद ही यहां स्वच्छंद विचरण कर रहे दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे। ज्ञात हो कि विश्व विख्यात दुधवा टाइगर रिजर्व …
पलियाकलां/लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। दुधवा टाइगर रिजर्व के पर्यटन सत्र 2020-21 के समाप्त होने के साथ ही मंगलवार 15 जून से पर्यटकों के लिए दुधवा के दरवाजे बंद कर दिए गए। सैलानी अब 5 माह बाद ही यहां स्वच्छंद विचरण कर रहे दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे।
ज्ञात हो कि विश्व विख्यात दुधवा टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए हर वर्ष 15 नवंबर को खोला जाता है और 15 जून से बंद कर दिया जाता है। 5 माह में वर्षा काल के चलते दुधवा के कच्चे मार्ग पानी और कीचड़ से भर जाते हैं, वहीं लंबी घास – फूस व झाड़ियां पर्यटन में बाधा पहुंचा सकती हैं। इसके अतिरिक्त जंगल में इस बीच लोगों की चहलकदमी न होने से वन्य जीवों को भी मनमाने तरीके से स्वच्छंद विचरण कर मनमुताबिक वंशवृद्धि करने का मौका भी मिल जाता है।
इसीलिए जब 15 नवंबर को पार्क खोला जाता है , तो यहां दिखने वाले आकर्षक वन्यजीवों व रंग-बिरंगे पक्षियों के साथ उनके नन्हें शावक भी खूब दिखाई दिया करते हैं। हालांकि इस बार कोरोना संक्रमण के चलते दुधवा डेढ़ माह पूर्व ०1 मई को ही बंद कर दिया गया था। संभावना थी कि कोरोना कम होने पर खोल दिया जाएगा, किंतु यह स्थिति आने से पूर्व पर्यटन सत्र ही समाप्त हो गया। दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक एवं निदेशक संजय पाठक ने भी 15 जून से दुधवा पर्यटकों के लिए बंद होने की पुष्टि की है।
