बरेली: सितंबर तक चलेगी नालों की सफाई फिर होगा भुगतान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। ठेकेदारों के माध्यम से कराई जा रही नालों की सफाई को लेकर सामने आ रही गड़बड़ियों के बाद नगर निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अब सफाई का काम जून के बजाय सितंबर तक चलेगा। काम की निगरानी भी की जाएगी। इसके बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा। नगर निगम …

बरेली, अमृत विचार। ठेकेदारों के माध्यम से कराई जा रही नालों की सफाई को लेकर सामने आ रही गड़बड़ियों के बाद नगर निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अब सफाई का काम जून के बजाय सितंबर तक चलेगा। काम की निगरानी भी की जाएगी। इसके बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि नालों को साफ रखने और शहर में जलभराव की दिक्कत को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

शहर में 20 बड़े नाले ऐसे हैं, जिनकी सफाई का ठेका नगर निगम ने दिया है। दिक्कत यह है कि बड़े नालों से बड़ी मात्रा में सिल्ट निकाली जाती है। उसे नालों के पास कई दिनों तक सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है। इससे बारिश व अन्य वजहों से मलबा फिर नालों में चला जाता है। नालों की सफाई इसलिए भी नहीं हो पा रही, क्योंकि ज्यादातर नालों पर अवैध कब्जे हैं। ऐसे में परेशानी यह है कि सफाई कर्मचारी अतिक्रमण की वजह से नालों में घुसकर किस तरह से सफाई करें।

तमाम ठेकेदार भी नालों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। इससे शहर के तमाम इलाकों में जलभराव की समस्या हो रही है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि नालों की सफाई का का जून तक हो जाना चाहिए था लेकिन कई जगहों पर नालों की सफाई के काम में गड़बड़ी होने के मामले सामने आए हैं तो कई जगहों पर मलबा न हटाने की शिकायतें की गई है। निरीक्षण के दौरान भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।

इसलिए नालों की तलीझाड़ सफाई कराने के लिए अब सितंबर तक सफाई का काम कराया जाएगा। संजयनगर, हजियापुर, सुभाषनगर सहित कई इलाकों में जलभराव की समस्या ज्यादा पैदा हो रही है। यहां पर खास तौर से नालों की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यहां नाले सही तरह से साफ होने के साथ वे चोक न हो। इसके बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा।

सितंबर तक होगा निरीक्षण
पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने बताया कि नगर निगम नालों की सफाई और निरीक्षण का काम सितंबर तक किया जाएगा, ताकि शहर में जलभराव की समस्या से निपटा जा सके। इसके बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाएगा।

संबंधित समाचार