बरेली: जमानत पर छूटने से पहले बंदी ने जेल में की आत्महत्या
बरेली, अमृत विचार। जिला जेल में एक बंदी ने जमानत पर छूटने से दो दिन पहले फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। वह जेल की बैरक के शौचायल में गमछे का फंदा बनाकर लटक गया। दूसरे बंदी ने जब उसे लटका देखा तो जेल प्रशासन को सूचना दी। मौके पर थाना पुलिस और फील्ड यूनिट …
बरेली, अमृत विचार। जिला जेल में एक बंदी ने जमानत पर छूटने से दो दिन पहले फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। वह जेल की बैरक के शौचायल में गमछे का फंदा बनाकर लटक गया। दूसरे बंदी ने जब उसे लटका देखा तो जेल प्रशासन को सूचना दी। मौके पर थाना पुलिस और फील्ड यूनिट ने जांच की। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। वहीं जेल प्रशासन ने आत्महत्या की बात कही है। शनिवार दोपहर आंवला विधायक और पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह पोस्टमार्टम हाउस पर बंदी के परिजनों से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी।
सिरौली थाना क्षेत्र के भदकरा के रहने वाले भूरे पुत्र हुकुम सिंह एनडीपीएस एक्ट में 2 फरवरी से जिला जेल में निरूद्ध था। भूरे की जमानत भी मंजूर हो गई थी लेकिन कुछ कागजी कार्रवाई होनी बाकी रह गई थी। दो दिन बाद जिला जेल से भूरे को जमानत पर छोड़ दिया जाता लेकिन शुक्रवार देर रात में जेल के अंदर उसकी मौत की खबर आयी।
जेल अधीक्षक वीर विक्रम सिंह ने बताया कि शुक्रवार की देर रात भूरे ने बैरक के शौचालय की चौखट से गमछा बांधकर फांसी लगा ली। रात 2:18 बजे जेल चिकित्सकों ने भूरे को मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने भूरे के परिजनों को सूचित किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरी तरफ भूरे के छोटे भाई बदन सिंह ने बताया कि चार दिन पहले ही उनकी बात अपने भाई से हुई थी। तब भाई ने किसी तरह की कोई परेशानी नहीं बताई थी।
बातचीत के दौरान छोटे भाई ने भूरे को जमानत मंजूर होने की बात भी बताई थी। परिजनों का कहना है कि भूरे आत्महत्या नहीं कर सकता। भूरे की मौत की खबर सुनने के बाद उसकी पत्नी रज्जो देवी पर जहां गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। भूरे के तीन बच्चे रेशमा(15), राजा(12) व धर्मेंद्र(6) पिता के जेल से आने का इंतजार ही करते रह गए। परिजनों ने बताया कि भूरे के बेटे राजा के पूरे शरीर पर फालिस का असर है।
मिस्ड कॉल के बाद किया फोन तो मिली मौत की सूचना
भूरे के छोटे भाई बदन सिंह ने बताया कि शनिवार की सुबह करीब 3:30 पर जेल के फोन नंबर से उनके फोन पर एक मिस्ड कॉल आई थी। देर रात जेल के नंबर से मिस्ड कॉल देख उन्होंने तुरंत उसी नंबर पर फोन किया तो दूसरी तरफ से बताया गया कि मैं जेलर बोल रहा हूं आपके भाई की मौत हो गई है। मौत की वजह पूछने पर फोन काट दिया गया। परिजनों ने शक जताते हुए बताया है कि भूरे दो दिन बाद ही जेल से रिहा होने वाला था तो वह फांसी लगाकर आत्महत्या क्यों करेगा?
जिला जेल में पहले भी बंदियों के आत्महत्या करने के मामले सामने आ चुके हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि भूरे के जेल में किसी तरह की कोई पेरशानी नहीं थी। उसने आत्महत्या क्यों कि इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। हो सकता है कि उसने घरेलू या अन्य किसी वजह से आत्महत्या की हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण हैंगिंग आया है।
