बरेली: लाखों का ऋण देने वाले सर्राफा व्यवसायी में खलबली

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बरेली, अमृत विचार। शाहजहांपुर के बाद शहर में भी सूदखोरों से प्रताड़ित होकर कई लोग आत्मघाती कदम उठा चुके हैं। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और सूदखोरी का काम करने वालों को चिह्नित कर पुलिस भी शिकायती पत्रों के आधार पर जांच कर रही है। वहीं, जिला प्रशासन भी साहूकारी लाइसेंस लेने वालों की जांच …

बरेली, अमृत विचार। शाहजहांपुर के बाद शहर में भी सूदखोरों से प्रताड़ित होकर कई लोग आत्मघाती कदम उठा चुके हैं। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और सूदखोरी का काम करने वालों को चिह्नित कर पुलिस भी शिकायती पत्रों के आधार पर जांच कर रही है। वहीं, जिला प्रशासन भी साहूकारी लाइसेंस लेने वालों की जांच करा रहा है।

तीन दिन पहले अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय ने करीब 200 साहूकारी लाइसेंस निरस्त कर दिए। इसके बाद से साहूकारी लाइसेंस लेकर करोड़ों रुपए ऋ ण देकर 14 प्रतिशत से लेकर 17 प्रतिशत तक ब्याज वसूलने वाले साहूकारों में खलबली मची है। बरेली जनपद में अभी 1000 ऐसे लोग हैं जो साहूकारी लाइसेंस लेकर ब्याज पर रुपए देने का धंधा कर रहे हैं।

इसमें सर्वाधिक शहर के बड़े सर्राफा कारोबारी हैं। सर्राफा कारोबारी गांठें गिरवीकर लाखों रुपए जरूरतमंदों को ऋण पर देने का काम करते हैं। गांठों का हिसाब सिर्फ सर्राफा कारोबारियों के पास रहता है, लेकिन 200 लाइसेंस निरस्त होने के बाद सर्राफा कारोबारियों को यह डर सताने लगा है कि ब्याज पर ऋ ण देने का ब्योरा दुरुस्त नहीं रखेंगे तो नवीनीकरण के दौरान उनके भी लाइसेंस निरस्त हो सकते हैं।

बड़ी संख्या में आलमगिरी गंज के सर्राफा कारोबारी इन दिनों कलेक्ट्रेट और डीएम कैंप कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कई इतने घबरा गए हैं कि लाइेंसस बचाने के लिए सिफारिश तक लगवा रहे हैं। साहूकारी लाइसेंस पर कोई चीज गिरवी रखकर 14 प्रतिशत और बिना कुछ गिरवी रखे 17 प्रतिशत तक ऋण देने का प्रावधान है। सैकड़ों की संख्या में ऐसे लोग हैं जो बिना कोई चीज रखे ऋ ण ले लेते हैं और जिंदगी भर न मूलधन चुका पाते हैं और ब्याज।

यही रकम बढ़कर उनके परिवार के लोगों के लिए अभिशाप के रूप में परेशानी का सबब बनती है। इधर, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मनोज कुमार पांडेय का कहना है कि साहूकारी लाइसेंस लेने वालों का ब्योरा तलब किया जाएगा। नवीनीकरण के दौरान उनका लेखा-जोखा भी देखा जाता है।

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