International Yoga Day 2021: पीएम मोदी बोले- कोरोना महामारी में दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बना योग
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान योग दुनिया के लिए ”उम्मीद की किरण” और इस मुश्किल समय में आत्मबल का स्रोत बना रहा। मोदी ने सातवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ मिलकर भारत ने …
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान योग दुनिया के लिए ”उम्मीद की किरण” और इस मुश्किल समय में आत्मबल का स्रोत बना रहा। मोदी ने सातवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ मिलकर भारत ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
अब दुनिया को ‘एम-योग’ ऐप की शक्ति मिलने जा रही है, जिस पर सामान्य नियमों पर आधारित योग प्रशिक्षण के कई वीडियो दुनिया की अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होंगे। इससे ‘एक विश्व, एक स्वास्थ्य’ का लक्ष्य पूरा होगा। उन्होंने इस संदर्भ में कहा, ”जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, तो उसके पीछे यही भावना थी कि यह योग विज्ञान पूरे विश्व के लिए सुलभ हो।
आज इस दिशा में भारत ने संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।” मोदी ने कहा, ” आज जब पूरा विश्व कोविड-19 वैश्विक महामारी का मुकाबला कर रहा है, तो योग उम्मीद की एक किरण बना हुआ है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्ष से दुनिया भर के देशों में और डेढ़ साल में भारत में भले ही बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ हो, लेकिन योग दिवस के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ है।
दुनिया के अधिकांश देशों के लिए योग दिवस कोई उनका सदियों पुराना सांस्कृतिक पर्व नहीं है। इस मुश्किल समय में, इतनी परेशानी में लोग इसे भूल सकते थे, इसकी उपेक्षा कर सकते थे..लेकिन इसके विपरीत, लोगों में योग के प्रति उत्साह बढ़ा है, योग से प्रेम बढ़ा है। उन्होंने कहा, ”जब कोरोना वायरस के अदृश्य वायरस ने दुनिया में दस्तक दी थी, तब कोई भी देश, साधनों से, सामर्थ्य से और मानसिक अवस्था से, इसके लिए तैयार नहीं था।
हम सभी ने देखा है कि ऐसे कठिन समय में, योग आत्मबल का एक बड़ा माध्यम बना। ” मोदी ने कहा कि योग हमें तनाव से शक्ति का और नकारात्मकता से रचनात्मकता का रास्ता दिखाता है। चिकित्सा विज्ञान जितना उपचार पर ध्यान केन्द्रित करता है, उतना व्यक्ति को ”निरोगी बनाने” पर भी करता है और योग ने लोगों को स्वस्थ बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कई स्कूलों ने ऑनलाइन योग कक्षाएं शुरू कर दी हैं जिनमें प्राणायाम आदि कराए जा रहे हैं। इससे बच्चों को शारीरिक रूप से कोविड-19 का सामना करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि योग जनता के स्वास्थ्य की देखभाल में निवारक एवं प्रेरक भूमिका निभाता रहेगा।
कोविड-19 के दौरान बहुत मददगार हो सकता है योग: राष्ट्रपति कोविंद
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को सोमवार को बधाई दी और कहा कि योग कोविड-19 के दौरान बेहद मददगार साबित हो सकता है। कोविंद ने कहा कि योग भारत द्वारा दुनिया को दिए गए सबसे महान उपहारों में से एक है। हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सभी को बधाई। हजारों वर्षों से लाखों-करोड़ों लोगों को स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन का वरदान और शरीर एवं मन के संयोजन का साधन, योग के रूप में हमारे ऋषियों ने विश्व को दिया है। मानवता को यह भारत की अनुपम देन है। योग, कोविड-19 के संदर्भ में भी सहायक हो सकता है। pic.twitter.com/Wsuhk57WPR
— President of India (@rashtrapatibhvn) June 21, 2021
कोविंद ने योग करते हुए अपनी तस्वीर ट्विटर पर साझा की और ट्वीट किया, ”अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सभी को बधाई। हजारों वर्षों से लाखों-करोड़ों लोगों को स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन का वरदान और शरीर एवं मन के संयोजन का साधन, योग के रूप में हमारे ऋषियों ने विश्व को दिया है। मानवता को यह भारत की अनुपम देन है। योग, कोविड-19 के संदर्भ में भी सहायक हो सकता है।”
