लखीमपुर-खीरी: नम आंखों से बिटिया को दी अंतिम विदाई

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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। दरिंदे की हैवानियत की भेंट चढ़ी बिटिया का शव जब पिता हाथों में लेकर घर से बाहर निकला तो घर में चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद लोगों की आंखे भर आईं। सभी ने नम आंखों से बिटिया को अंतिम विदाई दी। सीओ सहित कई थानों की फोर्स तैनात होने से पूरा गांव …

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। दरिंदे की हैवानियत की भेंट चढ़ी बिटिया का शव जब पिता हाथों में लेकर घर से बाहर निकला तो घर में चीख-पुकार मच गई। वहां मौजूद लोगों की आंखे भर आईं। सभी ने नम आंखों से बिटिया को अंतिम विदाई दी। सीओ सहित कई थानों की फोर्स तैनात होने से पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा।

रविवार की रात वहसी दरिंदे की शिकार बनी अनुसूचित जाति की आठ साल की बालिका का शव मंगलवार की देर शाम उसके गांव पहुंचा था। पंजाब मजदूरी करने गए पिता के आने के इंतजार में परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया था। रात करीब 10 बजे पिता घर पहुंचा तो पुत्री का शव देख विलख पड़ा। वहां मौजूद लोग उसे ढांढस बंधा रहे थे।

वह बार-बार कह रहा था कि उसने किसी का क्या बिगाड़ा था कि उसने उसकी बेटी की निर्दयता के साथ हत्या कर दी। मंगलवार की सुबह गमगीन माहौल में बिटिया के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव में ऐहितयातन कई थानों की फोर्स तैनात की गई थी। इससे पूरा गांव छावनी में तब्दील रहा। गांव में तीसरे दिन भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा।

दरिंदे के हाथों असमय काल के गाल में समाई आठ वर्षीय बालिका का परिवार मुफलिसी की जिंदगी गुजार रहा है। घटना के तीसरे दिन मंगलवार को डीएम डॉ अरविंद कुमार चौरसिया बिटिया के गांव पहुंचे। उन्होंने मृतका के पिता को एक आवास, राशन कार्ड में कम यूनिट पूरा करने और कृषि योग्य भूमि का पट्टा दिलाए जाने का आश्वासन दिया है। मौके पर मौजूद एसडीएम को इसकी कार्रवाई शुरू कराने के निर्देश दिए।

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