काशीपुर: रेलवे स्टेशन पर यूनिपोल होर्डिंग के नाम पर ये कैसा गड़बड़झाला
काशीपुर, अमृत विचार। रेलवे स्टेशन और रेलवे क्रॉसिंग पर यूनिपोल-होर्डिंग लगाने के नाम पर बड़ी गड़बड़ी होने की शिकायत रेलवे मुख्यालय से की गई। इज्जतनगर रेल मंडल ने टीम से जांच कराकर आनन-फानन में उक्त एडवरटाइजिंग कंपनी पर सवा दो लाख का जुर्माना लगाया है। विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू कर स्टेशनों पर लगे …
काशीपुर, अमृत विचार। रेलवे स्टेशन और रेलवे क्रॉसिंग पर यूनिपोल-होर्डिंग लगाने के नाम पर बड़ी गड़बड़ी होने की शिकायत रेलवे मुख्यालय से की गई। इज्जतनगर रेल मंडल ने टीम से जांच कराकर आनन-फानन में उक्त एडवरटाइजिंग कंपनी पर सवा दो लाख का जुर्माना लगाया है। विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू कर स्टेशनों पर लगे यूनिपोलों की फाइल तलब की है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक काशीपुर रेलवे स्टेशन पर यूनिपोल और होर्डिंग लगाने को मार्च 2020 में निविदा निकाली गई थी। रेलवे की ओर से गाजियाबाद और मुज्जफरनगर की प्राइवेट कंपनी को ठेका आवंटित किया गया। जिन्हें रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया और रेलवे क्रॉसिंगों पर यूनिपोल और फ्लैक्स लगाने थे।
गाजियाबाद की कंपनी को सर्कुलेटिंग एरिया में होर्डिंग लगाने थे, लेकिन अधिक एरिया में होर्डिंग के स्थान पर यूनिपोल लगा दिए। आरोप है कि वाणिज्य विभाग के कुछ अधिकारियों की शह पर काम को अंजाम दिया गया है। मुज्जफरनगर की कंपनी को क्रॉसिंगों पर यूनिपोल लगाने नहीं दिए गए। जिसकी शिकायत मुख्यालय की गई।
अधिकारी गाजियाबाद की एडवरटाइजिंग कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट देते रहे। मामला दिल्ली और गोरखपुर मुख्यालय पहुंचा। इज्जतनगर मंडल की टीम ने संबंधित अधिकारियों की गर्दन बचाने को मई में काशीपुर स्टेशन का निरीक्षण किया। टेंडर से अधिक यूनिपोल लगे होने पर कंपनी पर करीब सवा दो लाख का जुर्माना डाला और 18 जुलाई तक लगाए गए अतिरिक्त यूनिपोल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ने बताया कि मामले में विजिलेंस जांच चल रही है। मैं अभी इस मामले में कुछ नहीं कह सकता हूं। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
अवैध रूप से यूनिपोल लगाने का आरोप
सत्यप्रकाश, एमडी, रेशू एडवरटाइजिंग प्रा.लि. कंपनी मुज्जफरनगर कहते हैं कि वर्ष 2020 में रेलवे क्रॉसिंग पर यूनिपोल लगाने को मुजफ्फरनगर और रेलवे एरिया में होर्डिंग लगाने का ठेका गाजियाबाद की कंपनी का हुआ था। गाजियाबाद कंपनी प्रबंधन ने कुछ रेलवे अधिकारियों से सांठगांठ कर होर्डिंग के स्थान पर परिसर व रेलवे फाटक संख्या 37, 38, 42, 42ए, 43, 43बी पर अवैध रूप से यूनिपोल लगा दिए। शिकायत करने पर अधिकारियों ने उक्त कंपनी पर करीब सवा दो लाख नाममात्र का जुर्माना लगा दिया। जबकि यह जुर्माना 20 से 50 लाख के बीच होना चाहिए। हमने रेलवे इज्जतनगर मंडल से यूनिपोल हटवाने के लिए कहा, लेकिन पोल नहीं हटाए गए। रेलवे अधिकारी ने हमारी जमानत राशि भी जब्त कर ली है। मामले की विजिलेंस जांच कर रही है।
रेशू कंपनी का ठेका पूर्व में था। कुछ कमियों के चलते जमानत राशि जब्त करी होगी। गाजियाबाद की कंपनी पर अधिक एरिया में यूनिपोल लगाने पर करीब सवा दो लाख का जुर्माना लगाया गया है। शिकायत पर विजिलेंस जांच चल रही है।
-राजेंद्र सिंह, पीआरओ, रेलवे मंडल इज्जतनगर
