बरेली: गेहूं खरीद 15 दिन बढ़ाई पर किसानों को रास नहीं आई
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में परेशान किसानों को सहूलित देने के लिए शासन ने 15 जून को समाप्त हो रही गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाकर 22 जून कर दिया था। मंगलवार को गेहूं खरीद का अंतिम दिन था। काफी किसान अंतिम दिन तक गेहूं बेचने को केंद्रों के चक्कर लगाते रहे लेकिन केंद्र प्रभारियों …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में परेशान किसानों को सहूलित देने के लिए शासन ने 15 जून को समाप्त हो रही गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाकर 22 जून कर दिया था। मंगलवार को गेहूं खरीद का अंतिम दिन था। काफी किसान अंतिम दिन तक गेहूं बेचने को केंद्रों के चक्कर लगाते रहे लेकिन केंद्र प्रभारियों की मनमानी के चलते काफी किसानों के गेहूं पंजीकरण के बावजूद धरे रह गए।
कहीं वारदाना तो कहीं नेट कनेक्टिविटी न होने का बहाना बताकर भी केंद्रों पर गेहूं की खरीद से इंकार कर दिया गया। सिस्टम में बैठे जिम्मेदारों की नाकामी के कारण अब यह किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उनको मजबूरी में काम दाम में खुले बाजार में गेहूं बिक्री करना पड़ेगा। इधर, विपणन विभाग की तरफ से विगत वर्ष की तुलना में तीन गुना से अधिक गेहूं खरीद किए जाने का दावा किया जा रहा है।
जिले में एक अप्रैल से शुरू हुई गेहूं की खरीद शुरू से विवादों में घिरी रही। कही बारदाना के अभाव में तो कही गेहूं में नमी बताकर किसानों को लौटा दिया जाता रहा। बाद में खरीद की गति बढ़ी तो अधिकांश केंद्रों पर उन्हें अपनी बारी का कई दिनों तक इंतजार करना पड़ा। टोकन के झमेले में भी किसान कई-कई दिन तक केंद्रों पर पड़े रहे। जिससे पीछे वाले किसानों की संख्या भी बढ़ती गई।
इधर, शासन ने सरकारी केंद्रों पर गेहूं क्रय के लिए 15 जून तक का समय दिया था, बावजूद बड़े पैमाने पर गेहूं लोगों के पास डंप रहा। आलम यह था खरीद के अंतिम दिनों में केंद्र प्रभारी किसानों के बजाय बिचौलियों से साठगाठ में लग रहे। इसकी शिकायतें फिर शासन तक पहुंची तो किसानों की सहूलित के लिए खरीद की तिथी 22 जून तक निर्धारित कर दी थी। माना जा रहा तारीख बढ़ने से किसानों का बचा गेहूं क्रय कर लिया जाएगा। लेकिन केंद्र प्रभारियों की मनमानी की वजह से अंतिम दिन बड़ी संख्या में किसान वंचित रह गए।
20 जून तक बंद थी वेबसाइट इसलिए और बढ़ी दिक्कत
किसानों का गेहूं क्रय करने के लिए शासन ने भले ही खरीद की तिथी 15 जून से बढ़ाकर 22 जून निर्धारित कर दी थी, लेकिन पंजीकरण की साइट 20 जून तक बंद थी जिसके कारण किसानों का पंजीकरण नहीं हो सका। 21 जून को साइट खुली और 22 जून को अंतिम तिथि रहने के कारण क्रय केंद्रों पर किसानों की खासी भीड़ देखने को मिली। नरियावल, नवाबगंज स्थित मंडियों में किसान परेशान दिख रहे थे। एक अनुमान के मुताबिक करीब एक हजार किसानों के गेहूं की खरीद नहीं हो सकी है।
किसानों ने कहा
पिछले कई दिनों से ट्राली पर गेहूं लादकर अपनी बारी का इंतजार कर रहा था। वहीं बारिश के चलते भी इस बार बड़ी जलालत झेलनी पड़ी। गेहूं की रखवाली के लिए रात बितानी पड़ रही थी। केंद्र प्रभारी ने अंतिम दिन गेहूं की तौल की तब जाकर राहत मिली। पुष्पेंद्र, किसान
गेहूं बिक्री के लिए इस बार पिछली बार से अधिक दिक्कत उठानी पड़ी है। 17 जून से लगातार बचे हुए गेहूं को क्रय करने के लिए पंजीकरण की कोशिश कर रहे थे। 21 तारीख को पंजीकरण हुआ लेकिन 80 क्विंटल गेहूं की तौल नहीं हो सकी। चंद्रपाल, किसा
