बरेली: एडेड स्कूलों में अध्यापक नहीं, कैसे गुणवान बनेंगे विद्यार्थी
बरेली, अमृत विचार। प्रदेश सरकार जहां एक ओर तो छात्र- छात्राओं की शिक्षा के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही लेकिन शिक्षकों की कमी से एडेड प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का पाठयक्रम भी नहीं पूरा हो पाता है। इसलिए इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र- छात्राएं और छात्रों की अपेक्षा शिक्षा में पिछड़ …
बरेली, अमृत विचार। प्रदेश सरकार जहां एक ओर तो छात्र- छात्राओं की शिक्षा के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही लेकिन शिक्षकों की कमी से एडेड प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का पाठयक्रम भी नहीं पूरा हो पाता है। इसलिए इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र- छात्राएं और छात्रों की अपेक्षा शिक्षा में पिछड़ रहे हैं। जिले के सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में हमारे कालेज में सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के सेवानिवृत हो जाने के बाद वहां पर नए शिक्षकों को नियुक्त नहीं किया जा रहा है। बीएसए के द्वारा जब नियुक्ति की जा रही थी, तब इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी होने पर नियुक्ति की जाती थी लेकिन शासन के आदेश से नियुक्ति होने के कारण इन स्कूलों की हालात दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है।
जिन स्कूलों में एक दो शिक्षक हैं, उनमें से एक शिक्षक को तो विभागीय कार्यों में व्यस्त रहता है। एक शिक्षक एक समय में तीन कक्षाओं के छात्रों को कैसे पढ़ा सकता है, क्योंकि सभी सभी कक्षाओं के पाठयक्रम अलग होते हैं। शहर के करगैना स्कूल में एक ही शिक्षक कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को पढ़ा रहा है। स्कूल में शिक्षकों के सेवानिवृत होने बाद नई नियुक्ति नहीं की गई है। शेरगढ़ ब्लॉक में दुमका इंटर कालेज उच्च प्राथमिक तक एडेड है, लेकिन यहां इस सत्र में बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है।
कालेज के उप प्रबंधक बेचे सिंह बीएसए कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने बताया की कि इस सत्र में बच्चो को पढ़ाने के लिए स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं है। उन्होंने बताया कि हमारे कालेज में कक्षा 6 से 8 तक के करीब 350 बच्चे हैं लेकिन उनको शिक्षा देने के लिए एक सरकारी शिक्षक नहीं है।
सरकार की ओर से बच्चों की फीस माफ कर रखी है ऐसे में कालेज प्रबंधन भी अपने पास शिक्षकों को स्कूल रखने में असमर्थ हैं। उन्होनें बताया कि उनकी समस्या को देखते हुए हम बीएसए कार्यालय तक आए हैं लेकिन यहां आकर पता चला कि एडेड स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति शासन के द्वारा की जाती है।
- जिले में 28 सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालय चल रहे हैं।
- जिल के सभी सहायता प्राप्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 17 प्रधानाध्यापक व 78 सहायक अध्यापक कार्यरत हैं।
शासन ने बनया बोर्ड
जिला विद्यालय निरीक्षक डा. अमरकान्त सिंह ने बताया कि सहायता प्राप्त स्कूलों नियुक्ति बेसिक शिक्षा अधिकारी करते थे, लेकिन अब शासन की ओर से इसका एक बोर्ड बनाया गया है उसी बोर्ड के द्वारा नए अध्यापको की नियुक्ति की जाती है।
