घाटी में लगभग 200 आतंकवादी सक्रिय, साल के अंत तक कर देंगे सफाया- जीओसी चिनार कोर
बारामूला। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा है कि कश्मीर घाटी में लगभग 200 सक्रिय आतंकवादी मौजूद हैं और सुरक्षा बल इस साल के अंत तक अधिकांश आतंकवादियों का सफाया कर देंगे। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने गुरुवार को उत्तर कश्मीर के कुपवाडा जिला में …
बारामूला। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा है कि कश्मीर घाटी में लगभग 200 सक्रिय आतंकवादी मौजूद हैं और सुरक्षा बल इस साल के अंत तक अधिकांश आतंकवादियों का सफाया कर देंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल पांडे ने गुरुवार को उत्तर कश्मीर के कुपवाडा जिला में एक समारोह में संवाददाताओं से कहा, “घाटी में करीब 200 आतंकवादी इस समय मौजूद हैं। मुझे उम्मीद है कि हम इस वर्ष के अंत तक अधिकांश संख्या को कम करने में सक्षम होंगे। हमारा मकसद कश्मीर में आतंकवाद का खात्मा करना है ताकि आम लोग आंतकवाद मुक्त वातावरण में शांति के साथ जी सकें।”
संवाददताओं के प्रश्नों को उत्तर देते हुए सेना के शीर्ष कमांडर ने कहा, “संघर्षविराम समझौता हुआ है ताकि नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर रहने वाले लोग शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें। एलओसी पर जब कभी भी संघर्षविराम का उल्लंघन होता तो इन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। संघर्षविराम के उल्लंघन के दौरान ये लोग ही सीमा पार से होने वाली गोलीबारी का मुख्य निशाना हुआ करते थे।”
उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान ने अपने सैन्य अभियानों के महानिदेशकों के बीच बातचीत में 25 फरवरी, 2021 से नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम की घोषणा करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे कहा, “आज का दिन कर्नल आशुतोष के लिए और हंदवाडा के लोगों का है। पिछले साल आज ही के दिन आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में कर्नल आशुतोष शहीद हुए थे।
आशुतोष हंदवाडा के लोगों से बेहद प्यार करते थे और हंदवाडा के लोग भी आशुतोष को उतना ही प्यार करते थे।” उन्होंने कहा कि कर्नल आशुतोष और हंदवाड़ा के लोगों का सपना है कि सीमावर्ती जिले के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और देश के बेहतर नागरिक बनें।
