लखीमपुर खीरी: सुधरने लगा है चंदौली का बिगड़ैल मिट्ठू, अपना चारा लेने जाता है रोज जंगल
पलियाकलां/लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। न्यायालय के आदेश पर चंदौली से दुधवा लाया गया बिगड़ैल हाथी मिट्ठू अब धीरे-धीरे सुधरने लगा है। उसे यहां लाए अभी अधिक दिन नहीं हुए हैं किंतु उसके व्यवहार में तब्दीली नजर आने लगी है। उसका गुस्सा शांत हो गया है। वह महावत और चारा कटर के साथ रोज जंगल जाकर …
पलियाकलां/लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। न्यायालय के आदेश पर चंदौली से दुधवा लाया गया बिगड़ैल हाथी मिट्ठू अब धीरे-धीरे सुधरने लगा है। उसे यहां लाए अभी अधिक दिन नहीं हुए हैं किंतु उसके व्यवहार में तब्दीली नजर आने लगी है। उसका गुस्सा शांत हो गया है। वह महावत और चारा कटर के साथ रोज जंगल जाकर अपना चारा स्वयं ला रहा है और किसी के प्रति भी उसकी आंखों में कोई दुर्भावना नहीं झलकती है।
ज्ञात हो कि चंदौली में काफी उत्पात मचाने के बाद न्यायालय के आदेश पर बिगड़ैल हाथी मिट्ठू को वन विभाग के एक वाहन में लाद कर उसे भारत – नेपाल सीमा पर स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व की गुलरा वन चैकी पर लाकर रखा गया है । यहां उसके स्वास्थ्य एवं व्यवहार की नियमित जांच होती है।
उसके व्यवहार में अब काफी तब्दीली देखी जा रही है। वह रोज अपना चारा लेने आराम से महावत के साथ जंगल जाकर चारा ला रहा है और उसकी आंखों में किसी प्रकार का कोई क्रोध अथवा बदला लेने की भावना नजर नहीं आती है। मिट्ठू उर्फ मिथुन अब पूरी तरह से यहां स्वस्थ है। उसे मनपसंद आहार एवं स्वच्छंदता प्रदायक वातावरण गुलरा में मिल रहा है । यहां की आबोहवा भारी भरकम शरीर वाले हाथियों एवं अन्य दुर्लभ वन्यजीवों के मन मुताबिक हमेशा से रही है ।
