बरेली: वैक्सीनेशन के कारण बच्चों को नहीं लग पा रहे जरूरी टीके
बरेली, अमृत विचार। बच्चों के लिए मुसीबत बनने वाली कोरोना की तीसरी लहर के सितंबर तक आने की आशंका जताई जा रही है। दूसरी लहर के बाद युवाओं का वैक्सीनेशन तो तेजी से कराया जा रहा है, लेकिन इसका असर बच्चों को लगने वाले अन्य टीकों (रुटीन इम्यूनाइजेशन) पर पड़ रहा है। जिलेभर में शून्य …
बरेली, अमृत विचार। बच्चों के लिए मुसीबत बनने वाली कोरोना की तीसरी लहर के सितंबर तक आने की आशंका जताई जा रही है। दूसरी लहर के बाद युवाओं का वैक्सीनेशन तो तेजी से कराया जा रहा है, लेकिन इसका असर बच्चों को लगने वाले अन्य टीकों (रुटीन इम्यूनाइजेशन) पर पड़ रहा है। जिलेभर में शून्य से पांच साल तक के बच्चों के टीकाकरण में लगातार गिरावट आ रही है जिससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। इसके चलते कोविड वैक्सीनेशन के साथ रुटीन इम्यूनाइजेशन पर भी जोर देने की कवायद स्वास्थ्य विभाग कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने ये भेजा प्रस्ताव
पांच साल तक के बच्चों को सभी जरूरी टीके लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग रुटीन इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम चलाता है। इसके लिए सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार निर्धारित किए गए हैं। इन दिनों में जिले के करीब 750 केंद्रों पर बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। कोरोना काल में यह टीकाकरण लगातार प्रभावित रहा है।
कोविड वैक्सीनेशन के चलते भी स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चों के टीकाकरण पर कम ध्यान दिया जा रहा है। लाकडाउन व अन्य परेशानी के चलते भी लोग बच्चों का टीकाकरण कराने नहीं पहुंचे। इस समस्या के समाधान के लिए ही स्वास्थ्य विभाग ने कोविड टीकाकरण को सप्ताह में चार दिन तक सीमित करने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है। इससे शेष दो दिनों में बच्चों का नियमित टीकाकरण पहले की तरह ही हो सकेगा।
20 प्रतिशत तक आई गिरावट
रुटीन इम्यूनाइजेशन पर कोरोना का असर बीते साल से ही देखने को मिल रहा है। इस साल यह असर कम होने की जगह और भी बढ़ गया। बीते साल अप्रैल व मई की तुलना में इस साल अप्रैल व मई में रुटीन इम्यूनाइजेशन 20 प्रतिशत तक घट गया। इसके चलते कोविड वैक्सीनेशन के लिए चार दिन निर्धारित करने की कवायद की जा रही है। इससे बुधवार और शनिवार को सभी केंद्रों पर बच्चों का नियमित टीकाकरण होगा। यह टीकाकरण बच्चों को कोरोना के खतरे से बचाने में भी सहायक होगा।
टीकाकरण का असर रुटीन इम्यूनाइजेशन पर
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरएन सिंह ने बताया कि कोविड टीकाकरण का असर रुटीन इम्यूनाइजेशन पर पड़ा है जो चिंता का विषय है। इससे बचने के लिए कोविड टीकाकरण को चार दिनों तक सीमित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। अगर इस पर स्वीकृति मिल जाती है तो शेष दो दिनों में सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों का टीकाकरण तेजी से किया जाएगा। बच्चों का टीकाकरण छूटना कहीं न कहीं कोरोना की तीसरी लहर के संभावित खतरे को बढ़ा सकता है।
