बरेली: चाइनीज मांझा रोज काट रहा गर्दन, अब व्यापारी चपेट में आया
फोटो 607- मांझे से घायल इमरान बरेली, अमृत विचार। चाइनीज मांझे की बिक्री सिर्फ कागजों में बंद है। शहर की दुकानों पर मांझा खूब बिक रहा है। जिला प्रशासन इसकी बिक्री पर पूर्णतया रोक लगाने को लेकर गंभीर नहीं है। जबकि चाइनीज मांझा रोज लोगों की गर्दन काट रहा है। इससे किला, श्यामगंज, हार्टमन, कुदेशिया …
फोटो 607- मांझे से घायल इमरान
बरेली, अमृत विचार। चाइनीज मांझे की बिक्री सिर्फ कागजों में बंद है। शहर की दुकानों पर मांझा खूब बिक रहा है। जिला प्रशासन इसकी बिक्री पर पूर्णतया रोक लगाने को लेकर गंभीर नहीं है। जबकि चाइनीज मांझा रोज लोगों की गर्दन काट रहा है। इससे किला, श्यामगंज, हार्टमन, कुदेशिया पुलों से गुजरने के दौरान लोगों को डर लगने लगा है। 24 घंटे में तीन लोग घायल हो गए। रविवार को किला पुल पर जरी कारोबारी को चाइनीज मांझे ने अपनी चपेट में ले लिया। गर्दन ज्यादा कटने से व्यापारी की हालत गंभीर है। उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
सीबीगंज थाने के बंडिया निवासी इमरान जरी करोबारी हैं और अक्सर बरेली से समान खरीदकर ले जाते हैं। रविवार की शाम इमरान बरेली से अपने घर जरी का सामान लेकर वापस लौट रहा था। रास्ते में किला पुल पर वह चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हेलमेट पहने होने के बावजूद भी मांझे ने उसकी गर्दन को गंभीर रूप से काट दिया। घायल होने पर वह बाइक से गिर गया जिसकी वजह से उसके हाथ-पैरों में भी चोटें आईं हैं।

राहगीरों ने उसको निजी अस्पताल में भर्ती कराया। बता दें कि पिछले 24 घंटे में यह मांझे से घायल होने की यह तीसरी घटना है। शनिवार को भी शहर में नवाबगंज निवासी विवेक चौपुला पुल पर और बारादरी की रहने वाली यशी शर्मा श्यामगंज पुल से गुजरने के दौरान मांझे से कटकर घायल हो गई थी। जिनका इलाज अभी निजी अस्पतालों में चल रहा है। हालांकि डॉक्टर दोनों को खतरे से बाहर बता रहे हैं। वहीं शहर की पुलिस भी इस मामले में नाकाम होती नजर आ रही है।
कुछ दिनों पहले बारादरी व किला पुलिस ने अभियान चलाकर कई जगहों से मांझा पकड़ा था लेकिन उसके बाद भी शहर के बाजारों में मांझे की बिक्री पर कोई असर नहीं पड़ा। आए दिन चाइनीज मांझे से लोग घायल हो रहे हैं। किला पुलिस ने तो घर में दबिश देकर काफी मात्रा में मांझा पकड़ा था। उसके बाद पुलिस ने दावा किया था कि बड़े कारोबारी पकड़े जाएंगे लेकिन मामला ठंडे बस्त में डाल दिया गया। प्रशासन के अधिकारी भी कई बार बैठक करके निर्देश दे चुके हैं लेकिन सख्ती नहीं की जाती है। लॉकडाउन के दौरान भी लगातार मांझे की बिक्री जारी रही।
