अमरोहा: 11 लाख रुपये की अरुणाचल मार्का शराब बरामद, पति-पत्नी गिरफ्तार, दो आरोपी फरार
अमरोहा/मंडी धनौरा,अमृत विचार। पुलिस ने चुचैला नहर पुल पर चेकिंग के दौरान टरबो कैंटर से अरुणाचल प्रदेश मार्का की 150 पेटी अवैध शराब बरामद की। जिसकी कीमत करीब 11 लाख रूपए बताई जा रही है। पुलिस ने शराब तस्करी में पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले …
अमरोहा/मंडी धनौरा,अमृत विचार। पुलिस ने चुचैला नहर पुल पर चेकिंग के दौरान टरबो कैंटर से अरुणाचल प्रदेश मार्का की 150 पेटी अवैध शराब बरामद की। जिसकी कीमत करीब 11 लाख रूपए बताई जा रही है। पुलिस ने शराब तस्करी में पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। दो आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया।
रविवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि साढ़े पांच बजे एक टरबो कैंटर गाड़ी आ रही है। जिसमें शराब भरी है। सूचना पर थाना पुलिस चुचैला कला नहर पुल पर बैरियर लगाकर चेकिंग करने लगी। कुछ देर में एक टरबो कैंटर गाड़ी आती हुई दिखाई दी। जिसमें आगे एक महिला व दो पुरूष बैठे थे।
पुलिस टीम को देखकर गाड़ी को बैक गियर में डालकर भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन पीछे दूसरी गाड़ी आ जाने के कारण गाड़ी रूक गई और गाड़ी में बैठे दोनों व्यक्ति गाड़ी से उतरकर आम के बाग से होते हुए फरार हो गए। गाड़ी में बैठी महिला अभियुक्त को महिला पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ करने में महिला ने अपना नाम सुधा पत्नी समरपाल निवासी गांव मुस्सलेपुर थाना बछरायूं बताया। थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि जब गाड़ी की तलाशी ली तो पिछले हिस्से में काले रंग की पन्नी से ढकी हुई 100 पेटी किंगस गोल्ड स्पेशल और 30 पेटी सुपर स्पीड शराब अरूणाचल प्रदेश मार्का बरामद की।
पुलिस को धोखा देने के लिए टरबो कैंटर गाड़ी पर रजिस्ट्रेशन नंबर यूपी 23 की फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। जिसका सही नंबर यूके है। पुलिस ने फरार अभियुक्तों की तलाश की। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोपहर करीब 12 बजे महिला के पति समरपाल को चुचैला कला से डींगरा की तरफ जाने वाले रास्ते पर बने एक खंडहर से 20 पेटी गैर प्रांतीय अवैध शराब सहित गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो आरोपी रवि सैनी पुत्र बल्ले और जावेद उर्फ चीनू पुत्र बाबू निवासी हैबतपुर थाना मंडी धनौरा फरार हो गए।
उन्होंने बताया कि इन दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ में महिला ने बताया कि मैं और मेरे पति दूसरे प्रदेशों की शराब लाकर अपने घर से बेच देते हैं। जिसे अच्छी कमाई हो जाती है। सीओ सतेंद्र कुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया।
थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि सुधा और उसके पति समरपाल को गिरफ्तार कर लिया और इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनके पास से 150 पेटी अरूणाचल प्रदेश की अवैध शराब बरामद की। जिसकी कीमत करीब 11 लाख रूपए है।
खादर में फैला है कच्ची शराब का धंधा
मंडी धनौरा। पतित पावनी गंगा का तटीय क्षेत्र शराब की घाटी बन चुका है। पूरे खादर क्षेत्र में कच्ची शराब का कारोबार बड़े पैमाने पर हो रहा है। इनका नेटवर्क और काम करने का तरीका भी बहुत ही सधा हुआ है। ऐसे में धंधे को रोक पाना आसान नहीं है।
गंगा खादर क्षेत्र में सालों के दौरान दो ही तरह के लोगों ने पांव पसारे हैं, एक तो भूमाफिया और दूसरे शराब माफिया। अहम बात ये है कि भूमाफिया से अधिकांश शराब माफिया भी बन गए। पहले तो वन विभाग और राजस्व विभाग की जमीनों पर अवैध कब्जा जमाकर खेती शुरू की।
उसके बाद यहां की भौगोलिक स्थिति अनुकूल पाते हुए शराब की भट्टियां लगा दीं। शुरू में इन लोगों ने अपनी जरूरत के लिए शराब बनाई। बाद में यह धंधा बन गया। आज हालात ये हैं कि इस क्षेत्र में पुलिस सूत्रों के अनुसार दर्जनों से ज्यादा शराब की भट्टियां चल रही हैं। इनमें गंगा खादर क्षेत्र सबसे ज्यादा बदनाम है। जब गंगा का पानी नीचे उतरता है, तब भट्टियां संचालित होती हैं।
ऐसे में गंगा के बीच रेत के टापू बन जाते हैं। इन टापूओं तक भट्टी संचालक तो तैरकर या हवा भरे ट्यूब के जरिए पहुंच जाते हैं, लेकिन पुलिस या आबकारी टीम नहीं पहुंच पाती है। जब भी छापामार कार्रवाई होती है, शराब माफिया तक उसकी खबर पहुंच जाती है।
