बरेली: परीक्षाओं को लेकर छात्र संगठनों का प्रदर्शन
फोटो- 150 विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते एबीवीपी के छात्र फोटो- अन्य संगठन के फोटो मोहित जी देंगे बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक और स्नातकोत्तर की मुख्य परीक्षाएं नजदीक आ चुकी हैं। परीक्षाओं से पहले छात्र अलग-अलग मांग कर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), नेशनल …
फोटो- 150 विश्वविद्यालय में प्रदर्शन करते एबीवीपी के छात्र
फोटो- अन्य संगठन के फोटो मोहित जी देंगे
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय की स्नातक और स्नातकोत्तर की मुख्य परीक्षाएं नजदीक आ चुकी हैं। परीक्षाओं से पहले छात्र अलग-अलग मांग कर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएयूआई), समाजवादी छात्र सभा (सछास) और प्रगतिशील समाजवादी छात्र सभा (प्रसपा ) ने परीक्षा से संबंधित अलग-अलग मांगों को लेकर परीक्षा नियंत्रक का घेराव किया। परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार ने सभी की मांगों को सुनकर उनके समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि इस दौरान छात्रों की परीक्षा नियंत्रक से नोकझोंक भी हो गई।
एबीवीपी के साथ पहुंचे छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में जमकर नारेबाजी की और फर्श पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन हाय-हाय और मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। एबीवीपी की मांग की कि द्वितीय वर्ष के छात्रों की सभी विषयों की परीक्षा न कराकर सिर्फ प्रथम वर्ष में जिन प्रश्नपत्रों की परीक्षा रह गई थी, उसे ही कराएं। जिन प्रश्नपत्रों की परीक्षा हो गई थी उसे दोबारा न कराएं। इससे विद्यार्थी पर मानसिक रूप से दबाव कम होगा और परीक्षा की तैयारी अच्छे से कर पाएगा।
इसके अलावा परीक्षाओं से पहले मॉडल पेपर तैयार कर छात्रों को दिया जाए ताकि उन्हें पता चल सके कि प्रश्नपत्र का प्रारूप कैसा है और वह तैयारी कर सकें। छात्रों ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। इसके अलावा परीक्षा से पहले सभी केंदों को सेनेटाइज कर कोरोना नियमों का पालन किया जाए। परीक्षा नियंत्रक ने मॉडल प्रश्नपत्र और प्रयोगात्मक परीक्षाओं पर जल्द ही निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
उन्होंने छात्रों को द्वितीय वर्ष के छात्रों की परीक्षा को लेकर कुलपति से वार्ता के बाद ही निर्णय लेने की बात कही। छात्रों ने कहा कि वह एक जुलाई को मांगे पूरी न होने पर फिर से प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री गौरव यादव, महानगर मंत्री हर्ष अग्रवाल, अंकित यादव, विवेक गुर्जर, निखिल गंगवार, कमल गुप्ता, अनिकेत शर्मा, ज़मन खान, प्रिंस गंगवार भानु चंद्रा यश चौधरी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
परीक्षा का पैर्टन बताया जाए
एनएसयूआई ने मांग की कि परीक्षा से पहले वैक्सीनेशन कराया जाए। बिना वैक्सीनेशन के परीक्षा लेना छात्रों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। इसके अलावा मांग की जल्द ही परीक्षा का पैर्टन जारी किया जाए ताकि छात्र तैयारी कर सकें। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार, मो. नदीम, रुखसिद खान, वीरदेव गंगवार, अमित गंगवार, निहाल कश्यप, दुर्गेश, आलोक, आशिफ व अन्य मौजूद रहे।
छात्रों के सभी शुल्क माफ करें
सछास ने मांग की कि विश्वविद्यालय व महाविद्यालय में वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर वैक्नीनेशन कराया जाए। अभिभावकों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए छात्रों के सभी शुल्क माफ किए जाएं। कोरोना के परिवार का मुखिया खोने वाले छात्रों को विशेष सुविधा प्रदान की जाए और परीक्षाओं के दौरान सेनेटाइजेशन कराया जाए। सछास के कार्यकर्ताओं की परीक्षा नियंत्रक से बैठक में होने के चलते मुलाकात नहीं हो सकी तो उन्होंने सुरक्षा प्रभारी सुधांशु शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अजय पटेल, सैय्यद फरहान अली, आरिफ अली, राहुल, मुजाहिद हसन खां, कुलदीप गोला, प्रदीप यादव व अन्य मौजूद रहे।
बिना टीकाकरण के नहीं होने देंगे परीक्षा
प्रसपा छात्र सभा के नेताओं ने टीकाकरण और फिर परीक्षा कराने की मांग की। जिला अध्यक्ष राशिद मेवाती ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना टीकाकरण के परीक्षा नहीं होने देंगे। परीक्षा नियंत्रक ने आश्वासन दिया है इस पर जल्द ही बोर्ड ऑफ स्टडीज की मीटिंग बुलाकर विचार किया जाएगा। जिला उपाध्यक्ष संजय मेवाती ने संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षा फार्म की तिथि भी बढ़ाए जाने के लिए कहा। इस मौके पर सरताज खान, आबिद राज, शिवम चौधरी, नदीम, रुद्र प्रताप, आकिल आदि लोग मौजूद रहे।
