जिला पंचायत चुनाव: भाजपा-सपा में कांटे की टक्कर, इन पर टिकी नजर
कानपुर। कानपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सत्ता आसीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच कांटे की लड़ाई चल रही है। जिसका फैसला 3 जुलाई को आ जाएगा। दोनों ही दलों के प्रत्याशी और नेता जोड़ गांठ करने में लगे हैं। पार्टियों के बड़े नेता भी इस …
कानपुर। कानपुर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सत्ता आसीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच कांटे की लड़ाई चल रही है। जिसका फैसला 3 जुलाई को आ जाएगा। दोनों ही दलों के प्रत्याशी और नेता जोड़ गांठ करने में लगे हैं। पार्टियों के बड़े नेता भी इस चुनावी जंग पर पूरी नजर रखे हैं। भाजपा ने इस सीट से स्वप्निल वरुण को प्रत्याशी घोषित किया तो वहीं सपा ने राजू दिवाकर को अपना प्रत्याशी बनाया। बैठकों के दौर सुबह से लेकर देर रात तक चल रहे हैं। निर्दलियों और बसपा के जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने के लिए सभी हत्थकंडे अपनाए जा रहे हैं।
इसी संदर्भ में सपा के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। जिसमें विधायक अमिताभ बाजपेयी, जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी राजू दिवाकर, ग्रामीण जिलाध्यक्ष राघवेंद्र मिश्रा एवं सपा समर्थक जिला पंचायत सदस्य प्रमुख रूप से शामिल हुए । सपा नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार किसी भी प्रकार से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने के लिए वह सभी हत्थकंडे अपना रही है। जो गलत है । मौजूदा समय अब सभी धर्म निरपेक्ष लोगों को एकजुट होना होगा। भाजपा सरकार चाहे जितना भी शोषण और आक्रामता दिखाएं लेकिन देश के प्रजातंत्र को मजबूत करने के लिए हमें आगे आना होगा ।
विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि भाजपा सरकार की साजिशें एवं जनविरोधी नीतियां जनता के सामने आ चुकी हैं और प्रदेश में अब परिवर्तन की बयार चल चुकी है । जिसका परिणाम जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में दिखा। हालांकि भाजपा खबरों में बने रहने के लिए अध्यक्ष के चुनाव में जोड़-तोड़ करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही । परन्तु यही लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों के लिए असली परीक्षा है और समाजवादी पार्टी के सदस्य इसमें खरे उतरेंगे। बैठक में पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला, लाल सिंह तोमर, सतीश निगम, कमलेश दिवाकर, हरिओम पांडेय, सर्वेश यादव, जितेंद्र कटियार, कार्तिकेय शुक्ला, बब्लू मिश्रा आदि लोग मौजूद थे।
सपा प्रत्याशी राजू दिवाकर का पलड़ा भारी
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राजू दिवाकर की जीत के लिए सपा के पूर्व विधायकों सहित संगठन के सभी लोग ऐड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस सीट पर नजर रखे हुए हैं। बसपा से सपा में आए पूर्व विधायक कमलेश दिवाकर के करीबियों में राजू दिवाकर की गिनती होती है। पूरा चुनाव की रणनीति कमलेश दिवाकर की अगुवाई में हो रही है। सूत्रों की मानें तो बसपा के कई जिला पंचायत सदस्य उनके संपर्क में हैं तो वहीं मुश्ता से सपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य कार्तिकेय शुक्ला भी श्री दिवाकर के चुनाव की जीत के लिए भाजपा सहित कई निर्दलियों को सपा के पक्ष में लाने की रणनीति बनाए हुए हैं। जिसके चलते सपा का पक्ष मजबूत माना जा रहा है। वहीं आंकड़ों की बात की जाए तो सपा के पास 11 सदस्य हैं। उसे 6 सदस्यों की और जरूरत है। जबकि भाजपा के पास 9 सदस्य हैं और उसे 8 सदस्यों की जरूरत है। बसपा के 5 निर्दलीय 6 और 1 निषाद पार्टी के सदस्य पर सपा और भाजपा की नजर है।
प्रशासन ने मतपत्र को पढ़ सकने असमर्थ की दशा में साथी लेने की दी अनुमति
त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 में निर्वाचित समस्त जिला पंचायत सदस्यों के लिये एडीएम वि/ रा वीरेन्द्र प्रसाद पाण्डेय ने सुचना जारी कर बताया कि जिला पंचायत के अध्यक्ष के पद के निर्वाचन (मतदान) में किसी सदस्य निर्वाचक के निरक्षरता, दृष्टिबाधा या अन्य अशक्तता के कारण मतपत्र को पढ़ सकने या उस पर अपना मत अभिलिखित कर सकने में असमर्थ होने की दशा में उसे अपने साथ एक साथी को ले जाने की अनुमति देने का प्राविधान है। ऐसे सदस्य द्वारा मतदान प्रारम्भ होने से कम से कम 48 घण्टे के पूर्व जिला मजिस्ट्रेट / निर्वाचन अधिकारी को उक्त के सम्बन्ध में लिखित आवेदन दिया जायेगा। उक्त निर्धारित अवधि के उपरान्त प्राप्त आवेदन पत्र पर कोई कार्यवाही किया जाना सम्भव नहीं होगा।
दृष्टिबाधा या अन्य अशक्तता के कारण सहायक / साथी की माँग के सम्बन्ध में आवेदनकर्ता आवेदन पत्र चिकित्सा प्रमाण पत्र के साथ प्रस्तुत करेंगे जिसका परीक्षण मुख्य चिकित्साधिकारी से कराया जायेगा और परीक्षणोपरान्त समाधान होने के पश्चात ही सम्बन्धित सदस्य (निर्वाचक) को सहायक / साथी उपलब्ध कराया जायेगा। निरक्षर, दृष्टिबाधित या अन्य अशक्त सदस्य निर्वाचक) के साथ सहायक / साथी के रूप में जाने के लिए यथासम्भव उसके माता पिता, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन या पति पत्नी में से ही यथास्थिति किसी एक ऐसे व्यक्ति को अनुमति प्रदान की जायेगी।
जिसने 21 वर्ष आयु पूरी कर ली हो।जो सदस्य (निर्वाचक) की इच्छानुसार उसकी ओर से मत अभिलिखित कर सकने और यदि आवश्यक हो तो मत को छिपाने हेतु मतपत्र को मोड़ने और मतपेटी में डालने में समर्थ हो। अध्यक्ष जिला पंचायत के निर्वाचन में मतदाताओं को मतपत्र पर अधिमान अन्तर्राष्ट्रीय अंकों में अंकित करना अनिवार्य है। किसी अन्य प्रकार से अधिमान अंकित करने पर मत अवैध माना जायेगा।
