दिल्ली की तरह पंजाब में भी आप बनाएगी बिजली को मुद्दा

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ज्ञानेंद्र सिंह, नई दिल्ली। पंजाब में विधानसभा चुनाव को अभी काफी समय है मगर आम आदमी पार्टी ने अभी से अपनी चुनावी रणनीति तैयार कर ली है। जिसके तहत दिल्ली की तर्ज पर पंजाब में भी बिजली कंपनियों को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा। चुनाव अभियान के दौरान आम आदमी पार्टी का सबसे ज्यादा फोकस पंजाब …

ज्ञानेंद्र सिंह, नई दिल्ली। पंजाब में विधानसभा चुनाव को अभी काफी समय है मगर आम आदमी पार्टी ने अभी से अपनी चुनावी रणनीति तैयार कर ली है। जिसके तहत दिल्ली की तर्ज पर पंजाब में भी बिजली कंपनियों को चुनावी मुद्दा बनाया जाएगा।

चुनाव अभियान के दौरान आम आदमी पार्टी का सबसे ज्यादा फोकस पंजाब में 4 साल से जारी बिजली आंदोलन पर रहेगा। जिसके तहत महंगी बिजली, अनाप-शनाप बिजली के बिल और बिजली कटौती सहित कई तकनीकी बिंदु शामिल किए जाएंगे। इस काम को अंजाम देने के लिए कई तकनीकी लोगों को लगाया गया है जो पंजाब के बिजली उत्पादन से लेकर जिला स्तर पर बिजली आपूर्ति का खाका तैयार कर रहे हैं।

आप संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुले शब्दों में कहा है कि दिल्ली में तो नाम मात्र का बिजली उत्पादन होता है उसके बावजूद यहां पर 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जा रही है और पंजाब के मुकाबले दिल्ली में सस्ती बिजली दी जा रही है जबकि पंजाब में भारी विद्युत उत्पादन होता है उसके बावजूद वहां पर महंगी बिजली है और कई-कई घंटे की कटौती हो रही है।

कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल व भाजपा के नेताओं को उन्होंने यह कहकर और परेशानी में डाल दिया है कि यदि पंजाब में आप की सरकार आई तो दिल्ली की तरह हर घर में 3 सौ यूनिट फ्री बिजली दी जाएगी। अभी पंजाब में किसानों के फ्री बिजली मिल रही है। हर घर में 3 सौ यूनिट फ्री बिजली के एलान के बाद पंजाब के लोगों को आप कार्यकर्ता यह भी समझा रहे हैं कि जिस तरह दिल्ली में महिलाओं को फ्री बस यात्रा एवं एक सीमा तक फ्री पानी दिया जा रहा है ठीक उसी तरह पंजाब में भी परिवहन, जल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर भारी सुधार किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में आप बिना किसी तैयारी के पंजाब में चुनाव लड़ी थी और दूसरे नंबर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। जबकि शिरोमणि अकाली दल व भाजपा गठबंधन तीसरे स्थान पर था। इस बार आप ने पूरे 4 साल पंजाब में संगठन स्तर पर काफी मेहनत की है और दिल्ली सरकार के कामकाज को एक मॉडल के रूप में पेश करते हुए विधानसभा की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

आप सूत्रों के मुताबिक आधे से ज्यादा सीटों पर उसके प्रत्याशियों का अघोषित ऐलान 2 वर्ष पहले ही कर दिया गया था। जो दिन रात वहां पर मेहनत कर रहे हैं। यह भी पता चला है कि पंजाब में चुनाव के दौरान दिल्ली से काफी संख्या में सिख एवं पंजाबी हिंदू कार्यकर्ता भेजे जाएंगे जो वहां की जनता को दिल्ली में आए भारी सुधार के बारे में समझाएंगे।

कुल मिलाकर कांग्रेस में अंतर कलह, भाजपा का शिरोमणी अकाली दल से अलग होना आप के लिए शुभ संकेत बनते जा रहे हैं। किसान आंदोलन पर भी आप नेता बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं और चुनाव के दौरान रैलियों में वे यह तथ्य पेश करेंगे इज्जत किसान विधेयक पारित हुआ था तो शिरोमणि अकाली दल ना केवल बीजेपी के साथ दी बल्कि उसकी नेता केंद्र में मंत्री भी थी और उन्होंने सत्ता में रहते हुए किसान विधायकों का विरोध नहीं किया। आप को यह भी उम्मीद है इस बार उन्हें प्रमुख दलों में चल रहे घमासान का भरपूर फायदा भी मिलेगा।

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