लखीमपुर-खीरी: जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर भाजपा-सपा में बेचैनी, दोनों जीत का कर रहे दावा

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लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। सियासी भाषा में मतदान से पहले की रात को कत्ल की रात कहा गया है, क्योंकि इस रात को उम्मीदवारों की जान गले में अटक जाती है। चुनाव प्रबंधन करने वालों के लिए भी अग्नि परीक्षा होती है। एक ही रात में चुनाव उलट-पलट जाता है। शुक्रवार की रात जिला पंचायत अध्यक्ष …

लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। सियासी भाषा में मतदान से पहले की रात को कत्ल की रात कहा गया है, क्योंकि इस रात को उम्मीदवारों की जान गले में अटक जाती है। चुनाव प्रबंधन करने वालों के लिए भी अग्नि परीक्षा होती है। एक ही रात में चुनाव उलट-पलट जाता है। शुक्रवार की रात जिला पंचायत अध्यक्ष के उम्मीदवारों और दोनों दलों के लिए कुछ ऐसी ही है। नामांकन के बाद से अज्ञातवास पर गए जिला पंचायत सदस्य शुक्रवार की शाम लौट आए। वे तीन जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में जिले का प्रथम नागरिक चुनेंगे। रणनीतिकार मतदान को लेकर सियासी गोटियां बिछाते रहे। उनकी आंखों से भी नींद गायब रही।

जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को मतदान होना है। 72 सीटों वाली इस जिला पंचायत में भाजपा से ओमप्रकाश भार्गव और सपा से पूर्व विधायक कस्ता सुनील लाला की पुत्रवधू अंजली उम्मीदवार हैं। उनके बीच सीधी कांटे की टक्कर है। वैसे तो जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव का बिगुल बजते ही भाजपा और सपा जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क साधने में जुट गई थीं लेकिन नामांकन के बाद से सीट हथियाने को लेकर तमाम दांव-पेंच आजमा रही हैं।

जिला पंचायत सदस्यों के समर्थन को लेकर पार्टियां काफी सतर्क हैं। निर्दलीय और बसपा समर्थित सदस्यों को भी अपने पाले में लाने में कोई कोरकसर बाकी नहीं छोड़ी। भाजपा, सपा ने अपने समर्थक सदस्यों को अज्ञातवास पर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया ताकि कोई सदस्य अन्य दलों के संपर्क में न आ सके। कोई दबाव डालकर सदस्यों को प्रभावित न कर सके।

तीन जुलाई को मतदान होने के कारण सभी सदस्य शुक्रवार की देर शाम तक जिले में पहुंच गए। वे शनिवार को मतदान में हिस्सा लेंगे। बहरहाल दोनों ही पार्टियां बहुमत होने का दावा कर रहीं हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह का दावा है कि उनके पास बहुमत है। इससे उनकी जीत सुनश्चित है। वहीं सपा जिलाध्यक्ष रामपाल यादव ने बताया कि बहुमत से अधिक जिला पंचायत सदस्य उनके संपर्क में हैं। जीत सपा की ही होगी।

आंकड़ों पर एक नजर
जिला पंचायत की कुल 72 सीटें हैं। सभी सीटों पर सदस्य निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं। भाजपा समर्थित सात और सपा समर्थित 14 प्रत्याशी चुनाव जीते थे। इसके अलावा बसपा के खाते में नौ, अपना दल को एक सीट मिली थी। निर्दलीय प्रत्याशियों ने 41 सीटों पर अपना कब्जा जमाया है।

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