तीरथ सिंह रावत के पांच बयान जिन पर मीम बने और जमकर ट्रोल हुए
हल्द्वानी, अमृत विचार। संवैधानिक संकट का हवाला देते हुए प्रदेश के सीएम तीरथ सिंह रावत ने राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से भेंटकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है इसी के साथ नए मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा इसको लेकर कयासबाजी शुरू हो चुकी है। कुल 114 दिन मुख्यमंत्री का पदभार संभालने वाले तीरथ मीडिया में अपने विवादित …
हल्द्वानी, अमृत विचार। संवैधानिक संकट का हवाला देते हुए प्रदेश के सीएम तीरथ सिंह रावत ने राज्यपाल बेबीरानी मौर्य से भेंटकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है इसी के साथ नए मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा इसको लेकर कयासबाजी शुरू हो चुकी है। कुल 114 दिन मुख्यमंत्री का पदभार संभालने वाले तीरथ मीडिया में अपने विवादित बयानों को लेकर छाए रहे। सोशल मीडिया में जमकर ट्रोल हुए तो महिला संगठनों का आक्रोश भी झेलना पड़ा। फटी जींस वाले बयान पर तो खुद उनकी पत्नी को मीडिया के सामने आकर सफाई देनी पड़ी थी। उनके बयानों की बात करें तो पांच ऐसे बयान काफी विवादित रहे जिनकी वजह से उनकी खासी किरकिरी हुई।
- तीरथ के पांच विवादास्पद बयान
मां गंगा की कृपा से कोरोना नहीं फैलेगा
कुंभ मेले के दौरान तीरथ रावत ने कहा था कि कुंभ में मां गंगा की कृपा से कोरोना नहीं फैलेगा। साथ ही उनका वह बयान कि कुंभ और मरकज की तुलना करना गलत है मरकज से जो कोरोना फैला वह एक बंद कमरे से फैला क्योंकि वे सभी लोग एक बन्द कमरे में रहे। जबकि हरिद्वार में हो रहा कुंभ का क्षेत्र नीलकंठ और देवप्रयाग तक है।
जब प्रधानमंत्री मोदी को बताया राम-कृष्ण का अवतार
मार्च में कुंभ का उद्घाटन करने हरिद्वार पहुंचे रावत ने जनता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को भगवान राम का अवतार बता दिया था उन्होंने कहा, ‘त्रेता, द्वापर में जैसे राम, कृष्ण को पूजा जाता था, उसी तरह नरेंद्र मोदी को भी भविष्य में पूजा जाएगा और आने वाले समय में लोग नरेंद्र मोदी को भी उसी रूप में मानने लगेंगे जैसे भगवान राम और कृष्ण ने समाज उत्थान के लिए काम किया था और हम उन्हें भगवान मानने लगे थे। उसी तरह नरेंद्र मोदी भी काम कर रहे हैं।
महिलाओं की फटी जींस पर कमेंट
रावत के महिलाओं के कपड़ों को लेकर बयान देने से खासा बवाल हुआ और वे बुरी तरह ट्रोल हुए। उन्होंने कहा कि औरतों को फटी हुई जींस देखकर हैरानी होती है। उनके मन में ये सवाल उठता है कि इससे समाज में क्या संदेश जाएगा। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, ‘मैं जयपुर में एक कार्यक्रम में था अगले दिन करवाचौथ था और जब मैं जहाज में बैठा, तो मेरे बगल में एक बहनजी बैठी थीं. मैंने जब उनकी तरफ देखा तो नीचे गमबूट थे जब और ऊपर देखा तो घुटने फटे थे हाथ देखे तो कई कड़े थे उनके साथ में दो बच्चे भी थे मैंने कहा- बहनजी कहां जाना है? कहां- दिल्ली जाना है पति कहां हैं? JNU में प्रोफेसर हैं तुम क्या करती हो? मैं एक NGO चलाती हूं NGO चलाती हैं, घुटने फटे दिखते हैं, समाज के बीच में जाती हो, बच्चे साथ में हैं, क्या संस्कार हैं ये?”
20 बच्चे पैदा किए होते तो ज्यादा राशन मिलता
20 बच्चे पैदा किए होते तो ज्यादा राशन मिलता यह बात उन्होंने रामनगर में अंतरराष्ट्रीय वानिकी दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में कही थी। उनका पूरा बयान था कि लोगों को इस बात से जलन होने लगी है कि दो सदस्यों वाले परिवार को 10 किलो राशन और 20 सदस्यों वाले परिवार को एक क्विंटल अनाज क्यों दिया गया अब इसमें दोष किसका है.. उसने 20 पैदा किए और आपने दो.. अब जलन क्यों? जब पैदा करने का समय था तब दो किए 20 क्यों नहीं किए 20 पैदा किए होते तो अधिक राशन मिलता।
अमेरिका ने 200 साल तक गुलाम बनाकर रखा
एक बयान में रावत ने भाारत को अमेरिका का गुलाम बता दिया था कोरोना मैनेजमेंट पर भारत की तारीफ करते हुए तीरथ सिंह रावत ने कह दिया कि “दूसरे देशों के तुलना में भारत कोरोना संकट से निपटने के मामले में बेहतर काम कर रहा है। वहीं अमेरिका, जिसने हमें 200 साल तक गुलाम बनाए रखा और दुनिया पर राज किया, आज संघर्ष कर रहा है। उनके इस बयान पर खूब खिल्ली उड़ी थी कांग्रेस ने भी इस बयान पर चुटकी लेते हुए कहा था कि पीएम मोदी ‘बेहतरीन टैलेंट’ लाए हैं। वहीं सोशल मीडिया में उनके इस बयान पर तमाम मीम सामने आए।
