बरेली: लोक सेवा आयोग की तर्ज पर भारांक तय करेगा विश्वविद्यालय
बरेली, अमृत विचार। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के दौरान भारांक के नियमों में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बड़ा बदलाव करने जा रहा है। विश्वविद्यालय लोक सेवा आयोग की तर्ज पर भारांक को प्रवेश में शामिल करेगा। इस नई प्रक्रिया से भारांक के आधार पर होने वाले फर्जीवाड़े को काफी हद तक रोका जा सकेगा। …
बरेली, अमृत विचार। स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के दौरान भारांक के नियमों में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बड़ा बदलाव करने जा रहा है। विश्वविद्यालय लोक सेवा आयोग की तर्ज पर भारांक को प्रवेश में शामिल करेगा। इस नई प्रक्रिया से भारांक के आधार पर होने वाले फर्जीवाड़े को काफी हद तक रोका जा सकेगा। प्रवेश समिति की बैठक में इस पर लगभग सहमति बन चुकी है और जल्द ही इसे नई प्रवेश नियमावली में शामिल कर जारी कर दिया जाएगा।
अभी तक प्रवेश के दौरान भारांक के कुल अंक को पूर्णांक के प्रतिशत में जोड़ दिया जाता था। इससे कई छात्रों को काफी नुकसान होता था। जैसे किसी छात्र के पूर्णांक 2300 है तो उसके कुल अंक का प्रतिशत कम आता था लेकिन किसी के 1200 होते थे तो उसका प्रतिशत ठीक आ जाता था। पहले यदि किसी छात्र के अंकों का प्रतिशत 50 होता था और 10 अंक भारांक के जुड़ने के बाद उसका प्रतिशत 60 पहुंच जाता था। इस तरह की व्यवस्था से उसकी मेरिट हाई बन जाती थी लेकिन अब इसमें बदलाव किया जा रहा है।
अब प्रतिशत का प्रतिशत निकाला जाएगा। जैसे यदि किसी छात्र के कुल अंक 50 प्रतिशत आए हैं तो 10 अंक के भारांक का गुणांक पांच आयेगा तो उसे 55 प्रतिशत अंक ही होंगे न कि 60 प्रतिशत। प्रवेश परीक्षा के तहत होने वाले प्रवेश में इस तरह की दिक्कत नहीं होती थी लेकिन जो महाविद्यालय सीधे मेरिट से प्रवेश लेते थे, वहां काफी दिक्कत होती थी।
नए नियम को लागू करने में कुछ दिक्कतें आ रही हैं, जैसे यदि किसी छात्र का प्रतिशत दशमलव में आता है तो गुणांक में दिक्कत आएगी। इसको लेकर भी मंथन चल रहा है। इसके तहत यदि 50.6 अंक हैं यानी दशमलव पांच से अधिक है तो कुल 51 फीसदी जोड़ा जाएगा और यदि दशमलव पांच से कम है तो 50 फीसदी जोड़ा जाएगा।
इस तरह के प्रमाण पत्र में होता था फर्जीवाड़ा
प्रवेश के दौरान छात्रों को आरक्षण के साथ भारांक भी दिए जाते हैं। यह भारांक, एनसीसी, एनएसएस, स्पोर्ट, सैन्यकर्मी, पूर्व कर्मचारी, विकलांग समेत कई के होते हैं। देखने में आया था कि एनएसएस, स्पोर्ट्स, विकलांग समेत कई प्रमाण पत्र छात्र फर्जी बनवा लेते थे। इनके जांचने की कोई ऑनलाइन व्यवस्था भी नहीं थी।
बरेली कॉलेज में एलएलबी के प्रवेश में इस तरह का फर्जीवाड़ा कर कई प्रवेश हुए थे, जिसकी जांच भी हुई थी। प्रत्येक वर्ष स्नातक व स्नात्कोत्तर के प्रवेश के दौरान भी छात्रों को कई ठग इस तरह के प्रमाण पत्र बनवाकर मेरिट में शामिल कराकर प्रवेश दिलाने का लालच देते हैं।
गैप बैरियर खत्म होने से मेरिट जाएगी हाई
इस बार प्रवेश को लेकर छात्रों को काफी जद्दोजहद करनी होगी, क्योंकि सबसे पहले तो 12वीं में अधिक संख्या में छात्र पास हो रहे हैं। छात्र स्नातक में प्रवेश लेने के लिए अपने पसंदीदा महाविद्यालय का चयन करेंगे। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने प्रवेश नियमावली में भी बदलाव कर दिया है, इसकी वजह से भी प्रवेश को लेकर जद्दोजहद होगी और महाविद्यालयों की मेरिट काफी हाई जाएगी। विश्वविद्यालय ने स्नातक के सभी पाठ्यक्रमों में तीन साल का गैप बैरियर खत्म कर दिया है। इसकी वजह से जिन छात्रों ने 12वीं के बाद प्रवेश नहीं लिया था, वह इस बार प्रवेश का प्रयास कर सकते हैं।
इसके अलावा महाविद्यालयों को सीधे प्रवेश का मौका दिया गया है, जिसकी वजह से महाविद्यालय भी अपने यहां की सीटें भरने के सभी प्रयास करेंगे हालांकि इस व्यवस्था से छात्रों की सीट लॉक होने वाली समस्या से समाधान मिल जाएगा, क्योंकि पहले विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर पंजीकरण कराने के बाद कई निजी महाविद्यालय छात्रों की फीस खुद ही जमा कर सीट लॉक कर देते थे। उसके बाद छात्र अपने पसंदीदा कॉलेज में प्रवेश आसानी से नहीं ले पाता था।
