बरेली: अब ब्लॉक प्रमुखी के चुनाव पर नजर, सदस्यों को साधने में जुटे दावेदार
बरेली, अमृत विचार। जिला पंचायत अध्यक्ष के नतीजे आने के बाद अब ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। दावेदार सदस्यों को साधने में जुट गए हैं। सदस्यों को कोई और न साध ले, इसलिए मतदान तक उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तरह पर्यटन कराने की तैयारी है। सूत्रों का …
बरेली, अमृत विचार। जिला पंचायत अध्यक्ष के नतीजे आने के बाद अब ब्लॉक प्रमुख के चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। दावेदार सदस्यों को साधने में जुट गए हैं। सदस्यों को कोई और न साध ले, इसलिए मतदान तक उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तरह पर्यटन कराने की तैयारी है। सूत्रों का कहना है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव की घोषणा हो सकती है। दस दिन के भीतर निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। कुल पड़े वैध मतों में से 51 फीसदी वोट पाने वाला विजयी होगा।
पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य की अधिकतर सीटों पर कब्जा होने पर भी मुंह की खाने के बाद सपा के सामने ब्लॉक प्रमुखों का चुनाव जीतना बड़ी चुनौती बना है। जिले की बात करें तो क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के 1467 पद हैं। सभी पर निर्वाचन हो चुका है। पिछला चुनाव समाजवादी पार्टी की सरकार में हुआ था। उस वक्त जिले में 80 फीसदी से अधिक सीटों पर सपा के ही ब्लॉक प्रमुख बने।
इस बार सत्ता बदल गई है। माना जा रहा है कि यह चुनाव भी जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तरह रोचक होगा। खास बात यह है समाजवादी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में अपनों से हार मिलने के बाद ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर अब पूरी तरह सतर्क हो चुकी है। उससे भी ज्यादा सतर्क खुद चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदार हैं।
दावेदार व्यक्तिगत तौर पर सियासी समीकरण बैठाने में वह सभी हथकंडे अपना रहे हैं जिससे उनको जीत मिल सके। सपा जिलाध्यक्ष अगम मौर्य का कहना है ब्लाक प्रमुखी के चुनाव पर पूरी तरह नजर बनाए हैं। गोपनीय तरीके से नजर रखी जा रही हैं ताकि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की तरह यहां भी खेल न हो जाए। चुनाव में ठोस रणनीति की जिम्मेदारी भी पार्टी के कुछ पदाधिकारियों को सौंपी है।
बसपा खामोश, भाजपा सपा में होगी टक्कर
ब्लाक प्रमुखी के चुनाव में भी भाजपा-सपा के बीच मुकाबला होगा। दोनों ही पार्टियों की तरफ से हर ब्लाक में प्रत्याशी उतारने को लेकर मंथन चल रहा है। सपा ने तो करीब आठ ब्लाकों के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। सपा के जिला प्रवक्ता मयंक शुक्ला का कहना है ब्लाक प्रमुख का चुनाव पार्टी मजबूती से लड़ेगी। दूसरी ओर बसपा ने ब्लाक प्रमुखी के चुनाव को लेकर चुप्पी साध रखी है। हालांकि बसपा जिलाध्यक्ष डा. जयपाल सिंह का कहना है कि ब्लाक प्रमुखी का चुनाव शासन-सत्ता से प्रभावित रहता है, इसलिए हाईकमान ने जिला पंचायत की तरह ब्लाक प्रमुखी का चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है। सिर्फ विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर पार्टी का फोकस है।
