रिवर फ्रंट घोटाले की जांच से सुर्खियों में आया सीतापुर, सिंचाई विभाग में मचा हड़कंप
सीतापुर। प्रदेश के चर्चित गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच की आंच अब सीतापुर तक पहुंच गई है। सोमवार को इसी सिलसिले में सीबीआई जांच टीम पहुचने से जिले के सिंचाई विभाग में हड़कंप मचा रहा। हालांकि सीबीआई जांच टीम के पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों का दावा है कि सीतापुर जिले में …
सीतापुर। प्रदेश के चर्चित गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच की आंच अब सीतापुर तक पहुंच गई है। सोमवार को इसी सिलसिले में सीबीआई जांच टीम पहुचने से जिले के सिंचाई विभाग में हड़कंप मचा रहा। हालांकि सीबीआई जांच टीम के पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों का दावा है कि सीतापुर जिले में सिंचाई विभाग में वर्ष 2014 से 16 तक सीतापुर में बतौर अधीक्षण अभियंता तैनात रहे सुरेंद्र कुमार पाल रिवर फ्रंट घोटाले की जांच का सामना कर रहे हैं। सीबीआई टीम इसकी जांच कर रही है।
मामले में बताया जा रहा है कि अधीक्षण अभियंता सुरेंद्र कुमार पाल की पोस्टिंग के दौरान यहां से रिवर फ्रंट को लेकर टेंडर हुए थे। यह टेंडर उस वक्त की प्रदेश सरकार के बेहद करीबी आगरा के रहने वाले एक ठेकेदार को दिए गए थे। अब जब रिवर फ्रंट घोटाले का मामले की जांच आगे बढ़ी तो जांच की आंच फिर सीतापुर तक पहुंची। सूत्रों का दावा है कि सीबीआई की एक टीम सीतापुर भी इसी मामले की जांच के लिए आई थी, हालांकि सीबीआई टीम के सीतापुर सिंचाई विभाग में पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
सिंचाई विभाग के मौजूदा अधीक्षण अभियंता प्रभात कुमार प्रसाद ने बताया कि यहां सीबीआई की कोई टीम नहीं आई है। लेकिन सिंचाई विभाग में दिनभर हड़कंप मचा रहा। सीबीआई टीम आने की चर्चाएं होती रही। साथ ही शहर के कई ठेकेदारों के नाम भी चर्चा में आते रहे। चर्चित ठेकेदारों के बारे में लोग जानकारी करते भी नजर आए। हालांकि कहीं सीबीआई टीम के पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई।
अब रिटायर हो चुके हैं सुरेंद्र कुमार पाल
सिंचाई विभाग के सूत्रों ने बताया कि वर्ष 2014 से 16 तक सुरेंद्र कुमार पाल सीतापुर सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता रहे हैं। इसके बाद उनका स्थानांतरण हो गया था। अब वह रिटायर भी हो गए हैं। सूत्रों ने इतना जरूर बताया कि वह रिवरफ्रंट घोटाले के मामले में सीबीआई की जांच का सामना कर रहे हैं।
