पंजाब में बिजली पर तकरार: सांसद भगवंत मान का दावा- ‘AAP’ की सरकार बनने पर बिजली समझौते किए जाएंगे रद्द
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने आज कहा कि पंजाब में सरकार बनने पर प्रकाश सिंह बादल सरकार के समय निजी बिजली उत्पादन कंपनियों के साथ किये गए ‘पंजाब विरोधी‘ बिजली खरीद समझौते जरूर रद्द किए जाएंगे। मान यहां संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने …
चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई के अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने आज कहा कि पंजाब में सरकार बनने पर प्रकाश सिंह बादल सरकार के समय निजी बिजली उत्पादन कंपनियों के साथ किये गए ‘पंजाब विरोधी‘ बिजली खरीद समझौते जरूर रद्द किए जाएंगे। मान यहां संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि शिराेमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी की सरकार के समय किये गये और वर्तमान कांग्रेस सरकार के जारी रखे गये इन समझौतों के कारण बिना बिजली ख़रीदे ही प्रदेश के सरकारी खजाने में से 20,000 करोड़ रुपए प्राईवेट बिजली कंपनियों को दिए जा चुके हैं और पंजाब के लोगों को देश में सबसे महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है। मान ने कहा आप हमेशा इन बिजली समझौतों का विरोध करती रही है और इसी लिए पार्टी ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिसवां फार्म हाऊस का घेराव किया था।
उन्होंने कहा कि इसी कारण अब कैप्टन अमरिंदर सिंह भी कह रहे हैं कि इन बिजली समझौतों की समीक्षा की जा रही है, क्योंकि 147 बिजली समझौतों में से 122 समझौते गलत साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राईवेट बिजली कंपनी ने एक पावर थर्मल प्लांट लगाने के लिए 25,000 करोड़ के करीब पैसे खर्च किये थे, जब कि इस लागत से दुगने पैसे कंपनी ने पंजाब के खजाने से वसूल किये हैं। एक सवाल के जवाब में मान ने कहा कि चुनाव आयोग को राजनीतिक पार्टियों के चुनावी घोषणापत्रों को पंजीकृत करना चाहिए और सरकार बनाने वाली पार्टी को चुनावी वायदे पूरे न करने के विरुद्ध नोटिस भी जारी करना चाहिए।
