धर्मांतरण मामला: पूछताछ में सलाउद्दीन ने विदेशी फंड पर किया यह बड़ा खुलासा
लखनऊ। यूपी में अवैध धर्मांतरण के आरोपी मौलाना उमर गौतम के सहयोगी सलाउद्दीन से एटीएस ने सख्ती से पूछताछ की है। जिसके बाद उसने कई जानकारियां एटीएस को दी है। इस बात को उसने माना है कि धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड मंगवाने के लिए अमेरिकन फेडरेशन ऑफ मुस्लिम्स ऑफ इंडियन ओरिजिन चैरिटेबल ट्रस्ट …
लखनऊ। यूपी में अवैध धर्मांतरण के आरोपी मौलाना उमर गौतम के सहयोगी सलाउद्दीन से एटीएस ने सख्ती से पूछताछ की है। जिसके बाद उसने कई जानकारियां एटीएस को दी है। इस बात को उसने माना है कि धर्मांतरण के लिए विदेशों से फंड मंगवाने के लिए अमेरिकन फेडरेशन ऑफ मुस्लिम्स ऑफ इंडियन ओरिजिन चैरिटेबल ट्रस्ट के खाते का इस्तेमाल किया गया, इस संस्था का संचालक वह खुद है। एटीएस की छानबीन में सामने आया कि 4 साल में इस संस्था के खाते में विदेशों से करीब 15 करोड़ रुपए भेजे गए। जिसका इस्तेमाल धर्मांतरण में हुआ था।
दरअसल एटीएस को सलाउद्दीन की रिमांड बीते सोमवार को मिली गयी थी, तब से एटीएस के सामने कई बातों को वह बता चुका है, इस संबंध में अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जल्द ही सलाउद्दीन और उमर गौतम को भी आमने सामने बैठाकर पूछताछ हो सकती है। हालांकि उमर गौतम और मौलाना जहांगीर आलाम की रिमांड पिछले तीन जुलाई को समाप्त हो चुकी है ऐसे में एटीएस फिर से भी उमर गौतम की रिमांड मांग सकती है, हालांकि सलाउद्दीन अभी 7 दिनों की रिमांड पर है।
अभी तक 6 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
यूपी एटीएस ने बीते 21 जून को अवैध धर्मांतरण के मामले में दिल्ली के जामिया से मौलाना उमर गौतम और काजी जहांगीर को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ के आधार पर इमरान शेख, राहुल भोला और मन्ना यादव को गिरफ्तार किया गया। कड़ियां जोड़ते हुए एक जुलाई को एटीएस ने गुजरात के बडोदार से सलाहुद्दीन की गिरफ्तार किया था।
गरीबो की मदद के नाम पर खेल
एटीएस की पड़ताल में सामने आया कि सलाहुद्दीन की संस्था एएफएमआई गुजरात और राजस्थान में गरीब परिवारों को खाद्यान्न, कपड़ा, मुफ्त शिक्षा और चिकित्सा सेवा देने का काम करती है। संस्था इसी के नाम पर विदेश से फंड जुटाती है। इस फंड का इस्तेमाल धर्मान्तरण और अन्य देश विरोधी कामों में किया जा रहा था।
