सीएम योगी से बगावत गंगवार पर पड़ा भारी, कोरोना के दौरान पत्र हुआ था वायरल
लखनऊ। बरेली से सांसद संतोष गंगवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खिलाफत महंगी पड़ गई। बुधवार को मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार से पूर्व उन्हें भी इस्तीफा देना पड़ा। वह श्रम एवं रोजगार केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। कोरोना काल के दौरान संतोष गंगवार की एक चिट्ठी खूब वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार की …
लखनऊ। बरेली से सांसद संतोष गंगवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खिलाफत महंगी पड़ गई। बुधवार को मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार से पूर्व उन्हें भी इस्तीफा देना पड़ा। वह श्रम एवं रोजगार केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) थे। कोरोना काल के दौरान संतोष गंगवार की एक चिट्ठी खूब वायरल हुई थी, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार की आलोचना की थी, जिसे लेकर मुख्यमंत्री योगी भी काफी नाराज हुए थे।
संतोष गंगवार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं। वे 1989 से बरेली शहर से लोकसभा सांसद रहें। उन्होंने 2009 में चुनाव हारने के बाद आठ बार यह पद बनाए रखा। हालांकि, उन्होंने 2014 में निर्वाचन क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी को फिर से हासिल किया और अगले लोकसभा चुनाव 2019 में दोबारा सांसद चुने गए। उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री ( स्वतंत्र प्रभार), श्रम और रोजगार मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी।
गंगवार बरेली में विकास पुरुष के नाम से प्रसिद्ध हैं। बताया जाता है कि कोरोना काल के दौरान संतोष गंगवार की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिठ्ठी लिखी गई थी, इसको लेकर सरकार की काफी आलोचना के चलते योगी नाराज हो गए थे। योगी ने इसकी शिकायत शीर्ष नेतृत्व से की थी और शीर्ष नेतृत्व को विश्वास में लेने में योगी सफल रहें, जिसके चलते संतोष गंगवार को इस्तीफा देना पड़ा।
हालांकि, केंद्रीय मंत्री गंगवार ने 9 मई को योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते कहा था कि बरेली शहर के महत्वपूर्ण अधिकारी फोन नहीं उठा रहे। एमएसएमई के तहत सभी पर उद्योगों को सरकार द्वारा 50 फीसदी की छूट उन अस्पतालों को दी जाती है, जो ऑक्सीजन प्लांट लगाना चाहते हैं, इसी तर्ज पर मेरा सुझाव है कि बरेली में भी कुछ प्राइवेट सरकारी अस्पतालों को 50 फीसदी की छूट देने के साथ जल्द से जल्द प्लांट मुहैया कराया जाए, ताकि ऑक्सीजन में होने वाली दिक्कतों को खत्म किया जा सके।
