आक्रोशित वाणिज्य कर विभाग के कर्मचारियों ने की अपर मुख्य सचिव को हटाने की मांग, जानें वजह?
लखनऊ। अपर मुख्य सचिव के तानाशाही रवैये से वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी आक्रोशित हैं। वाणिज्य कर विभाग के सभी संगठनों ने गुरुवार को बैठक कर आरोप लगाया कि अपर मुख्य सचिव कैडर पुनर्गठन के मामले पर कर्मचारियों व अधिकारियों को पक्ष रखने का मौका नहीं दे रहे हैं। सभी संगठनों ने निर्णय …
लखनऊ। अपर मुख्य सचिव के तानाशाही रवैये से वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी आक्रोशित हैं। वाणिज्य कर विभाग के सभी संगठनों ने गुरुवार को बैठक कर आरोप लगाया कि अपर मुख्य सचिव कैडर पुनर्गठन के मामले पर कर्मचारियों व अधिकारियों को पक्ष रखने का मौका नहीं दे रहे हैं। सभी संगठनों ने निर्णय लिया कि तय समयावधि में आईआईएम लखनऊ की रिपोर्ट के आधार पर कैडर पुनर्गठन ना होने पर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
उप्र वाणिज्य कर सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज वर्धन सिंह, उप्र वाणिज्य कर अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव तिवारी और उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी वाणिज्य कर संघ के प्रदेश महामंत्री सुरेश यादव ने कहा कि सभी संघों ने अपर मुख्य सचिव द्वारा वाणिज्य कर मुख्यालय जैसी संस्था से बिना विचार विमर्श किए बाहरी लोगों के गुमराह करने वाले परामर्श को प्राथमिकता देने की कार्यपद्वति का विरोध करने का निर्णय लिया है।
अपर मुख्य सचिव राज्य कर के कार्यालय से एसीपी प्रदान करने में मनमानी की जा रही है। सभी संघों ने अपर मुख्य सचिव को तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को कार्य दायित्व ना देने से मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया पंजीयन का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। सभी संघों ने मुख्यमंत्री को उक्त बिंदुओं पर सामूहिक ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया। बैठक में वाणिज्य कर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन, उप्र सांख्यकीय एसोसिएशन, आशुलिपिक संघ, लिपिक संघ, उप्र वाहन चालक संघ, वाणिज्य कर संग्रह सेवा संघ आदि संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
