संभल : मंदिर के महंत की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

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संभल, अमृत विचार। संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव गुमसानी के मंदिर के महंत को नशे की यारी में जान गवानी पड़ गई। पुजारी को नशीला पदार्थ देने से मना करने पर पुराने दोस्त ने ही जान ले ली। घटना से दो दिन पहले हत्यारोपी महंत से नशीला पदार्थ मांगने आया था। देने से …

संभल, अमृत विचार। संभल के थाना असमोली क्षेत्र के गांव गुमसानी के मंदिर के महंत को नशे की यारी में जान गवानी पड़ गई। पुजारी को नशीला पदार्थ देने से मना करने पर पुराने दोस्त ने ही जान ले ली। घटना से दो दिन पहले हत्यारोपी महंत से नशीला पदार्थ मांगने आया था। देने से मना ही न किया बल्कि उसके दोस्तों के गाली गलौज करते हुए मंदिर से बाहर निकाल दिया। उसी दिन दिल में हत्या करने की ठान ली थी।

संभल के गांव गुमसानी में मंदिर पातालेश्वर झारखंडी मंदिर के महंत भरत गिरी मूल रूप से वाराणसी जिले से सात साल पहले आए थे और गांव गुमसानी के काली मंदिर पर अपने गुरु संतोष गिरी के साथ रहते थे। पिछले साल पातालेश्वर मंदिर पर आकर महंत गिरी काम करने लगे थे। धीरे-धीरे गांव के लड़कों से उनकी यारी हो गई थी। गांव में महंत और गांव के नौजवान लड़कों के साथ नशे की यार के चर्चा आम होने लगे थी।

गांव के ही रहने वाले मोनू पुत्र तेजपाल से महंत की दोस्ती बढ़ गई। अचानक बुधवार की शाम के मोनू अपने दोस्त के साथ महंत के पास नशीला पदार्थ मांगने पहुंच गया। महंत ने नशीला पदार्थ देने से मना नहीं किया बल्कि मोनू को उसके दोस्तों के सामने गाली बकनी शुरू कर दी। इतना ही नहीं पूजारी ने मंदिर परिसर से नशेड़ी युवक को बाहर निकाल दिया। उस दिन मोनू ने महंत को मारने की ठान ली और फिर मौके की तलाश में लग गया।

गुरुवार की रात को मोनू ने मौका पाकर महंत को सोते वक्त मंदिर परिसर में पड़ी लोहे की रॉड से महंत के सिर पर जानलेवा हमला कर कर दिया। महंत के खून से लथपथ होने के बाद भी तब तक प्रहार करता रहा जबतक वे पूरी तहर से प्राणहीन न हो जायें। इसके बाद हत्या का सबूत मिटाने के लिए लोहे की राड को गांव के ही तलाब में फेंक दी।

सुबह जब महंत की हत्या की जानकारी हुई तो मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर गांव वालों से जानकारी हासिल की। पुलिस ने गांव के कुछ लड़कों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। उसमें मोनू भी शामिल था। पुलिस गांव में ही पहले पूछताछ मोनू से शुरू की तो मोनू ने हत्या करने की बात कबूल कर ली। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक के सामने सारी बात बताई और पुलिस मोनू को हिरासत में लेकर उसकी निशानदेही से हत्या की लोहे की रोड गांव के तालाब से बरामद कर ली है। गांव में इस घटना की चर्चा है।

महंत भरत गिरी से गांव के लोगों का था लगाव
संभल। महाराज संतोष पुरी के शिष्य महंत भरत गिरी एक वर्ष से गांव से कुछ ही दूरी पर प्राचीन पातालेश्वर झारखंडी शिव मंदिर पर रहकर पूजा अर्चाना कर रहे थे। इसी के साथ महंत मंदिर की देखभाल और साफ सफाई करते थे। महंत भरत गिरी से गांव के लोगों का बहुत ही लगाव था। अक्सर गांव के लोग मंदिर में आकर उनके पास बैठते थे। गांव के कुछ नशेड़ी युवक भी उनके पास आया करते थे।

गुरुवार देर रात गांव निवासी मोनू पुत्र तेजपाल मंदिर के महंत के पास पहुंचा और नशीला पदार्थ मांगने लगा। महंत के मना करने पर युवक वहां से चला गया। लेकिन कुछ देर बाद वह फिर से मंदिर पहुंचा। उस समय मंदिर का दरवाजा बंद था। युवक ने मंदिर के दरवाजे में हाथ डालकर फाटक खोल दिया। इसके बाद परिसर में पड़ी लोहे की सरिये से हमला कर महंथ को मौत के घाट उतार दिया।

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