कानपुर: एटीएस ने तीन स्लीपर सेल समेत 6 को उठाया, एक बिल्डर भी शामिल
कानपुर। लखनऊ में दबोचे गए अलकायदा के दो आतंकियों का एक साथी कानपुर में नई सड़क इलाके में रहता है। काफी समय से अलकायदा से जुड़े इस आतंकी पर शहर में आतंकी गतिविधियों के संचालन और साजिशों को अंजाम देने का जिम्मा है। इसी नापाक मंसूबे से वह शहर के कई लोगों को आतंकी संगठन …
कानपुर। लखनऊ में दबोचे गए अलकायदा के दो आतंकियों का एक साथी कानपुर में नई सड़क इलाके में रहता है। काफी समय से अलकायदा से जुड़े इस आतंकी पर शहर में आतंकी गतिविधियों के संचालन और साजिशों को अंजाम देने का जिम्मा है। इसी नापाक मंसूबे से वह शहर के कई लोगों को आतंकी संगठन में सक्रिय करने की फिराक में था। इनके जरिये वह लखनऊ में पकड़े गए आतंकियों के साथ मिलकर सूबे की राजधानी और शहर में बड़े धमाकों या फिर फिदायीन (आत्मघाती) हमले की साजिश रच रहा था। इसकी गिरफ्तारी के लिए एटीएस की टीम ने शहर में छापेमारी शुरू कर दी है।
इसी सिलसिले में एटीएस जाजमऊ, चमनगंज और बेकनगंज इलाके से चार से पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है। एटीएस ने लखनऊ के ठाकुरगंज थानाक्षेत्र के दुबग्गा से आतंकी संगठन अलकायदा से जुड़े दो आतंकियों मिनहाज अहमद और मसीरुद्दीन उर्फ मुशीर को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि इनके कई साथी फरार हैं। फरार आतंकियों में से एक कानपुर का रहने वाला है।
सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी नई सड़क इलाके में रहता है और कई साल से संगठन का सक्रिय सदस्य है। उस पर किसी को संदेह न हो, इसलिए छोटी-मोटी नौकरी करता है। शहर में बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए वह यहां अलग-अलग स्थानों की रेकी कर जानकारी इकत्र कर रहा था। ये सप्ताह में एक-दो बार लखनऊ जाता था। कानपुर से मिली जानकारियों को वह मुशीर और मिनहाज से साझा करता था। एक तरह से इसे कानपुर में हमलों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
निशाने पर प्राचीन और धार्मिक स्थल
सूत्रों के मुताबिक, नई सड़क इलाके के आतंकी ने यहां के प्राचीन और धार्मिक स्थलों की तस्वीरें दोनों आतंकियों को पहुंचाई हैं। आशंका यह भी है कि मॉल, रेलवे स्टेशन, प्रतिरक्षा प्रतिष्ठान, बड़े सरकारी संस्थान या फिर कोई अन्य भीड़भाड़ वाला स्थान इनके निशाने पर हो सकता था। इसकी गिरफ्तारी के लिए एटीएस लखनऊ के साथ कानपुर में भी छापे मार रही है। उसके कई परिचितों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। सूत्रों का यहां तक दावा है कि एटीएस किसी भी वक्त उसकी गिरफ्तारी कर सकती है।
तीन स्लीपर सेल समेत 6 उठाए गए
लखनऊ में अलकायदा से जुड़े आतंकी मिनहाज और मसीरुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद यूपी एटीएस ने कानपुर में बड़ी कार्रवाई की है। यहां एटीएस टीम ने आतंकियों के एक साथी इरशाद समेत 6 लोगों को हिरासत में लिया है। सूत्रों का कहना है कि इरशाद 15 अगस्त को होने वाले सीरियल ब्लास्ट में मिनहाज और मसीरुद्दीन की मदद कर रहा था। जबकि पेचबाग का रहने वाला लईक और एक अन्य कैरियर हैं। रिहाइशी इलाके में रहने वाले ये सभी स्लीपर सेल हैं। यूपी कमांडर शकील का इशारा मिलते ही बम और असलहे तय जगह पर पहुंचाने वाले थे।
खंगाले गए 13 बैंक खातें
यूपी एटीएस ने जिन 6 लोगों को उठाया है, उनमें एक बड़ा बिल्डर भी शामिल है। उस पर टेरर फंडिंग का आरोप है। बिल्डर और उसके एक पार्टनर के 13 बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। बिल्डर पूर्व में हवाला कांड से भी जुड़ा रहा है। वहीं, दो ऐसे भी लोग हिरासत में लिए गए हैं, जिन्होंने प्री.एक्टिवेटेड सिम मुहैया कराए थे। फिलहाल अभी एटीएस की कार्रवाई चल रही है।
तीन साल पहले एटीएस ने हिजबुल मुजाहिदीन के सदस्य को किया था गिरफ्तार
कानपुर को यूपी के अतिसंवेदनशील जिलों की लिस्ट में रखा गया है। तीन साल पहले ही एटीएस पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सदस्य कमरुज्जमा उर्फ कमरुद्दीन को अरेस्ट कर चुकी है। वहीं 2017 में लखनऊ में एनकाउंटर में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह का घर भी शहर के जाजमऊ में है।
पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने भी इसकी पुष्टि की कि शहर में एटीएस के साथ पुलिस संयुक्त रूप से काम कर रही है। एटीएस के छापा मारे जाने की बात पर उन्होंने एटीएस के रिलीज का इंतजार करने के बात कही लेकिन उनका कहना है कि शहर में पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट है संदिग्धों से पूछताछ व चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और शहर में आतंकियों के पूर्व में मिले इनपुट के आधार पर भी नजर रखी जा रही है और एटीएस के साथ सहयोग से कानपुर पुलिस काम कर रही है।
