बरेली: कैंटोन्मेंट बोर्ड की जमीन पर लगे पेड़ों का हो रहा अवैध कटान अधिकारी बेखबर
बरेली, अमृत विचार। वन विभाग ने कैंटोन्मेंट बोर्ड की जमीन कई पेड़ लगाए गए थे। पेड़ों का लोग अवैध रूप से कटान कर भारी मात्रा में लकड़ी का कटान कर रहे हैं। इसके वन विभाग व कैंटोन्मेंट बोर्ड प्रशासन बेखबर हैं। प्रत्यक्षदर्शियों से पता चला कि सुबह के समय लोग हरे व सूखे दोनों प्रकार …
बरेली, अमृत विचार। वन विभाग ने कैंटोन्मेंट बोर्ड की जमीन कई पेड़ लगाए गए थे। पेड़ों का लोग अवैध रूप से कटान कर भारी मात्रा में लकड़ी का कटान कर रहे हैं। इसके वन विभाग व कैंटोन्मेंट बोर्ड प्रशासन बेखबर हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों से पता चला कि सुबह के समय लोग हरे व सूखे दोनों प्रकार के पेड़ काटकर ले जाते हैं। सदर बाजार स्थित मदारी की पुलिया के पास मुस्लिम सराय मोहल्ले में करीब दो दर्जन से ज्यादा घरों में चूल्हा इन्हीं अवैध रुप से काटकर लाई गई लकड़ियों से जलता है। इतना ही नहीं करीब दो-दो चार-चार क्विंटल अवैध लकड़ी लोगों ने अपने-अपने घरों में एकत्र कर रखी है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कैंट के आरएन टैगोर इण्टर कॉलेज के पीछे की जमीन पर विभाग ने 2018 में पौधरोपण कराया था। करीब दस से बारह साल पहले पहलवान बाबा के मन्दिर के सामने ट्रांसफार्मर वाली जमीन पर पौधरोपण कराया था जिनमें से बहुत से पुराने पेड़ लोग आरी से काटकर ले जाते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग ने पौधरोपण के बाद जमीन पर चारों तरफ सीमेंटेड खंभे गाड़कर कटीले तार लगवाए थे लेकिन लोग तार भी काटकर ले गये।
इस कारण अवारा जानवर उसमें घूमते रहते है और वृक्षों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि वन विभाग पौधरोपण के बाद तीन वर्ष तक देखरेख करता है। उसके बाद देखरेख की जिम्मेदारी सम्बंधित विभाग की होती है।
तहसील सदर के वन विभाग रेंजर वैभव चौधरी ने बताया कि पेड़ों के अवैध कटान की सूचना संज्ञान में नहीं है। हमें वृक्षारोपण से लेकर तीन वर्ष तक का खर्चा मिलता है। उसके बाद हम जिम्मेदारी सम्बंधित विभाग को ट्रांसफर कर देते हैं। दो दिन में इसकी जांच कराते हैं। यदि कोई अवैध कटान करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कैंटोन्मेंट बोर्ड ने चलाया अतिक्रमण अभियान, हटाये अवैध कब्जे
पहले ही कैंटोन्मेंट बोर्ड की तरफ से चार बार अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर अवैध रूप से बना रखीं डेयरी हटाने के लिए कहा गया था पर लोग नहीं माने। इस पर सीईओ विवेक सिंह ने टीम गठित कर व थाना पुलिस की मदद लेकर अभियान चलाया। अतिक्रमणकारियों ने जमीन पर दीवारें बनाकर टीन शेड डाल रखी थी। जानवरों के गोबर को बस्ती के बीच खुले में डालकर बीमारियों को आमंत्रित कर रहे थे। गोबर को नालियों में भी बहाया जा रहा था। अतिक्रमण टीम में बोर्ड के सफाई निरीक्षक दीप कुमार सक्सेना, मनोज कुमार तिवारी, जेई मनोज यादव, राजस्व निरीक्षक विकास चन्द्र गुप्ता, मार्केटिंग इंस्पेक्टर मो इसराईल और कैंट थाना के उपनिरीक्षक कमरुद्दीन खान के साथ भारी पुलिस बल तैनात था।
