रामपुर: एंबुलेंस चालक की सड़क हादसे में मौत, कोरोना काल में लोगों को मुफ्त पहुंचाया शमशान घाट

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रामपुर, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में एबुलेंस चालक जुबैर खां ने शहर के काफी कोरोना संक्रमण मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया इतना ही नहीं कई मरीजों को शमशान घाट और कब्रिस्तान तक छोड़ा। लेकिन, मुरादाबाद प्वाइंट हादसे में वह खुद ही दुनिया छोड़कर चले गए। उसकी मौत के बाद परिजनों का …

रामपुर, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में एबुलेंस चालक जुबैर खां ने शहर के काफी कोरोना संक्रमण मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया इतना ही नहीं कई मरीजों को शमशान घाट और कब्रिस्तान तक छोड़ा। लेकिन, मुरादाबाद प्वाइंट हादसे में वह खुद ही दुनिया छोड़कर चले गए। उसकी मौत के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

शहर के मोहल्ला राजद्वारा निवासी जुबैर खां पेशे से एंबुलेंस चालक है मार्च माह में दूसरी लहर ने दस्तक दी थी और मई में हालात बहुत खराब हो गए थे। इस दौरान खून के रिश्ते तक तार तार हो रहे थे। कोरोना संक्रमित होने पर परिजन अपनों को पहचाने से इंकार कर रहे थे। ऐसे में जुबैर खां शहर में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए एक फरिश्ता बनकर उभरे थे।

सिर्फ एक फोन काल आने पर जुबैर मरीज को लेने के लिए शहर के किसी भी कोने में पहुंच जाते थे जिला अस्पताल से लेकर किसी भी अस्पताल में मरीज को पहुंचा देते हैं। उसके बाद वह उसने किराया तक नहीं ले रहे थे। जब जिला अस्पताल में कोरोना से मरने वालों की अन्तेयष्टी के लिए परिजन नहीं पहुंच रहे थे तब जुबैर खां ने दर्जनों शव शमशान घाट तक पहुंचाए और उनकी अन्तेयष्टी कराई।

उन मरीजों के लिए यह एक फरिश्ता है,मरीज के तीमारदार इनको दुआएं तक दे रहे हैं, लेकिन सोमवार को जुबैर किसी मरीज को लेकर मुरादाबाद गए थे। वहां से लौटते समय रामपुर दौराहे पर एबुलेंस का टायर पंचर हो जाने के कारण वह टायर को बदलने लगे कि अचानक पीछे से आ रहे ट्रक ने रौंद दिया। आनन फानन में उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां देर रात को उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।

श्मशान से लेकर कब्रिस्तान तक पहुंचाए शव
एंबुलेंस चालक जुबैर केवल मरीजों को शहरभर के किसी भी कोने में अस्पताल तक मरीजों न ही पहुंचा रहे थे, बल्कि मरे हुए लोगों को भी कब्रिस्तान से लेकर श्मशान घाट तक शवों को पहुंचा रहे हैं। वह किसी से कोई धर्म तक के बारे में जानकारी तक नहीं लेते थे। इतना ही कोरोना संक्रमण से मरने वालों के अंतिम संस्कार में अपने पास तक से पैसा लगा देते है, लेकिन सोमवार को हादसे में खुद ही इस दुनिया को छोड़कर चले गए।

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