पीलीभीत: राकेश टिकैत बोले- सरकार को किसानों से बात करनी पड़ेगी
पीलीभीत, अमृत विचार। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि पांच सितंबर को किसान संयुक्त मोर्चा की महापंचायत मुजफ्फरनगर में होने जा रही है। सरकार के पास डेढ़ महीने का समय है। सरकार को बात करनी पड़ेगी। भारत सरकार जब तक कृषि कानून वापस नहीं लेगी, तब तक किसानों का आंदोलन चलेगा। …
पीलीभीत, अमृत विचार। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि पांच सितंबर को किसान संयुक्त मोर्चा की महापंचायत मुजफ्फरनगर में होने जा रही है। सरकार के पास डेढ़ महीने का समय है। सरकार को बात करनी पड़ेगी। भारत सरकार जब तक कृषि कानून वापस नहीं लेगी, तब तक किसानों का आंदोलन चलेगा। ये कंपनी की सरकार है भाजपा की होती तो किसानों की बात सुनती। राकेश टिकैत गुरुवार को यहां निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे।
विपक्ष को भी अपना काम करना चाहिए
शहर में निजी कार्यक्रम में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने पत्रकारों से कहा कि विपक्ष को भी अपना काम करना चाहिए। पार्लियामेंट सेशन शुरू हो रहा है। नाराज होकर बाहर न आएं। बाहर तो हम बैठे हैं, विपक्ष को सदन के अंदर अपनी बात रखनी चाहिए, अगर वे किसानों का समर्थन करते हैं तो अंदर डटकर बात कहें, डरने की जरूरत नहीं है।
सरकार को झंडे से लगाव नहीं
एक सवाल के जबाव में उनका कहना था कि 26 जनवरी को दिल्ली में 25 लाख आदमी थे। चार लाख ट्रैक्टर थे और छह लाख तिरंगा झंडा थे। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को भी नहीं बख्शा, सरकार को झंडे से लगाव नहीं है। यह कंपनी की सरकार है, अगर सरकार भाजपा की होती तो जरूर बात करती। उनके बड़े नेता कैद में बंद हैं। जनता ने तो जिला पंचायत में भी भाजपा को रोका, जनता ने वोट नहीं दिया, लेकिन पुलिस ने जरूर वोट दिलवाया।
कृषि कानून किसान विरोधी
कृषि कानूनों के बारे में पूछे गए सवाल के जबाव में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानून किसान विरोधी हैं। कानून जिस दिन लागू हो जाएंगे, किसान बर्बाद हो जाएगा। शहरों में रहने वाले गरीब आदमी पर महंगाई की मार और ज्यादा होगी। सरकार के पास डेढ़ माह का समय है। पांच सितंबर को पंचायत होगी, संयुक्त किसान मोर्चा फैसला लेगा। कोई भी कहीं आंदोलन करता है तो देशद्रोह के मुकदमे लगाए जा रहे हैं। आंदोलन करना देशद्रोह नहीं है। देशद्रोह का मतलब है बाहरी लोगों के साथ मिलकर देश के खिलाफ साजिश रचना।
…जब टिकैत ने चलाया ट्रैक्टर
गुरुवार को निजी कार्यक्रम में आए किसान नेता राकेश टिकैत से किसानों ने अनुरोध किया कि वे ट्रैªक्टर चलाएं। इस पर राकेश टिकैत ने हामी भर दी और एक ट्रैक्टर उन्होंने शहर में चलाया। किसान नेता को ट्रैक्टर चलाते देख वहां भीड़ एकत्र हो गई।
