लखीमपुर खीरी: कस्टम अधिकारी समय पर आते नहीं, बिना क्लियरेंस के नेपाल ले जाया जा रहा सामान
गौरीफंटा/लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। कस्टम अधिकारियों के पलिया से गौरीफंटा कार्यालय में देरी से आने के कारण बिना कस्टम कागजातों के व्यापारी दलालों के माध्यम से लाखों का अवैध सामान नेपाल भेज रहे हैं। इससे भारत को लाखों रुपये राजस्व का प्रतिदिन नुकसान उठाना पड़ता है। भारत-नेपाल पारगमन संधि के चलते दोनों देशों की सीमा …
गौरीफंटा/लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। कस्टम अधिकारियों के पलिया से गौरीफंटा कार्यालय में देरी से आने के कारण बिना कस्टम कागजातों के व्यापारी दलालों के माध्यम से लाखों का अवैध सामान नेपाल भेज रहे हैं। इससे भारत को लाखों रुपये राजस्व का प्रतिदिन नुकसान उठाना पड़ता है।
भारत-नेपाल पारगमन संधि के चलते दोनों देशों की सीमा पर कर चोरी रोकने के लिए बार्डर पर सरकार ने कस्टम कार्यालय स्थापित किया है। इन कार्यालयों पर अधिकारियों व कर्मचारियों की तैनाती है। गौरीफंटा बार्डर पर कस्टम विभाग की अपनी भूमि न होने के कारण कार्यालय भवन बना है न ही यहां रहने की कोई सुविधा है।
इस वजह से कस्टम विभाग के अधिकारी और कर्मचारी रोज शाम को पलिया चले जाते हैं। अगले दिन समय से वापस नहीं आ पाते। नतीजा सुबह व शाम कस्टम अधिकारियों की अनुपस्थिति में दिल्ली, शाहजहांपुर, बरेली, सीतापुर आदि जगहों से आने वाली बसों के अलावा अन्य वाहनों से आने वाला हार्डवेयर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी पार्ट, मोबाइल पार्टस सहित लाखों का माल धनगढी़ के व्यापारियों का सामान बिना कस्टम क्लिरियेंस कराए दलाल व कस्टम सिपाहियों की साठगांठ से नेपाल भेज दिया जाता है।
इससे दोनों देशों को कस्टम राजस्व का नुकसान तो हो ही रहा है। साथ ही दलालों के इस अवैध कार्य को बढ़ावा भी मिल रहा है। 15 जून को इसी तरह भारत से नेपाल बिना क्लियरेंस एक तिरपाल बंद ट्रक से लाखों की दवाएं व सीरिंज एसएसबी ने सीमा पर जांच के दौरान पकड़ी थीं। यह दवाएं और सीरेंज अवैध रूप से तस्करी कर नेपाल ले जाई जा रही थीं।
