अयोध्या: कांवड़ यात्रा रद्द होने का संतों ने किया स्वागत, कहा- जीवन रहेगा, तभी आस्था रहेगी
अयोध्या। सावन में प्रस्तावित कावंड़ यात्रा पर रोक लगाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की निर्णय पर रामनगरी के संत समाज ने समर्थन किया है। सिद्ध पीठ अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कावड़ यात्रा आपसी सहमति से रद्द किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि …
अयोध्या। सावन में प्रस्तावित कावंड़ यात्रा पर रोक लगाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की निर्णय पर रामनगरी के संत समाज ने समर्थन किया है। सिद्ध पीठ अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कावड़ यात्रा आपसी सहमति से रद्द किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि कोरोना अभी खत्म नही हुआ है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कोरोना पर विजय पाया गया लेकिन अभी सावधानी बरतनी जरूरी है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने कोर्ट का पालन करते हुए कावड़ यात्रा रद्द की जो स्वागत योग्य कदम है।
कहा कि अभी लोगो को कोरोना से बचने के सभी उपाय का पालन करना होगा। सभी नागरिकों को कोरोना से बचाव को वैक्सीन जरूर लगवाना चाहिए। तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने कहा कि कावड़ यात्रा हजारों करोड़ो वर्ष पहले से चली आ रही है। ये भगवान भोलेनाथ की उपासना का अनोखा समंग है। इसमें इस तरह से भक्त और भगवान का मिलन होता है, लेकिन आस्था तभी रहेगी जब जीवन रहेगा। परमहंस दास ने कहा कि इस कोरोना महामारी में तमाम लोगों की जान चली गई है। तो आवश्यक है कि जन जीवन की रक्षा के लिए लोग कोविड नियमों का पालन करते हुए आस पास के शिवालयों में भी भगवान भोलेनाथ की उपासना करें।
कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने जन जीवन की रक्षा के लिए कावड़ यात्रा को रद्द किया है। हम सभी साधु-संत मुख्यमंत्री को धन्यवाद देंगे। जनता से भी अपील करेंगे कि इस बार किसी भी तरह से लोग दुखी न हो। क्योंकि आप के जीवन की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया है। इसलिए जीवन रहेगा, फिर ना जाने कितनी बार कावड़ यात्रा होगी। कोरोना महामारी का अंतिम दौर चल रहा है। भगवान चाहेंगे या कोरोना का अंतिम दौड़ ही रहेगा।
