बरेली: बारिश में चढ़े दाम, दो से पांच हजार महंगे बिके बकरे
बरेली, अमृत विचार। ईद-उल-अजहा से एक दिन पहले मंगलवार को बकरों के बाजारों में खरीदारों की रौनक रही मगर बकरा खरीदने के लिए लोगों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ी। बीते दिनों के मुकाबले बकरे दो से पांच हजार रुपए तक महंगे बिके। बरेली में मीरा की पैठ, कुतुबखाना,शाहदाना आदि जगह बकरों का बाजार …
बरेली, अमृत विचार। ईद-उल-अजहा से एक दिन पहले मंगलवार को बकरों के बाजारों में खरीदारों की रौनक रही मगर बकरा खरीदने के लिए लोगों को अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ी। बीते दिनों के मुकाबले बकरे दो से पांच हजार रुपए तक महंगे बिके। बरेली में मीरा की पैठ, कुतुबखाना,शाहदाना आदि जगह बकरों का बाजार सजता है।
तोतापुरी, बरबरा, जमुनापारी, देसी, अजमेरी जैसी प्रजातियों के बकरे 10 से 50 हजार रुपए तक के बिक रहे हैं। जिनकी कीमत शुरूआत में आठ से 45 हजार रुपए के बीच थी। जोड़ी बकरों की कीमत 70 हजार रुपए से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक है। बकरों की विशेषता बताकर एक से दो लाख रुपए तक का बकरा पशु कारोबारी लोगों को बेच देते हैं। बाजार में बकरे बेचने आ रहे खरीदारों का कहना है कि बीते सालों के मुकाबले बकरे महंगे हैं।
बहुत सारे लोगों ने तो बकरा महंगा होने के चलते बड़े जानवर में हिस्सा लिया है। बड़े जानवर में सात लोग तक मिलकर कुर्बानी कर सकते हैं। बाजार में बकरा लेकर आने वाले पशु कारोबारियों ने बताया कि देहात की मंडी से एकाएक बकरे गायब हो गए हैं। जिसकी बड़ी वजह बाहर से पशु व्यापारियों का न आना है। कोरोना संक्रमण की वजह से बहुत सार व्यापारी दूसरे शहरों से बरेली आने में परहेज कर रहे हैं। जिसकी वजह से बकरों की कीमतों में इजाफा हुआ है। पशु कारोबारियों ने बताया कि देवचरा मंडी में सस्ते बकरे ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। इन्ही बकरों को शहर में लाकर बेचते हैं।

लाखों का बकरा मगर कोई शरयी हैसियत नहीं
बाजार में ऐसे बकरे भी मौजूद हैं जिन पर अल्लाह, बिसमिल्लाह और मोहम्मद लिखा होने का दावा किया जाता है। इन बकरों को बाजार में लाखों रुपए का बेचकर कारोबारी मोटा मुनाफा कमाते हैं। बहुत सारे लोग दरगाह आला हजरत पर भी इन बकरों को दिखाने पहुंचते हैं। दरगाह आला हजरत के मुफ्ती नश्तर फारूकी बताते हैं कि इसकी शरीयत के मुताबिक कोई हैसियत नहीं। यह सब पैसा पैदा करने का जरिया है। अपनी शान दिखाने के लिए लोग ऐसे बकरे खरीदते हैं। ऊंची कीमतों पर खरीदते हैं। अगर इस पैसे को अपना घरबार छोड़कर मस्जिदों में रहते हुए दीन की खिदमत करने वाले इमामों पर लगाया जाए तो ज्यादा बेहतर होगा।
तीन लाख रुपए में भी नहीं बेचा बकरा
सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने अपने बकरे का फोटो डाला तो लोगों ने उसकी कीमत तीन लाख रुपए तक लगा दी। दावा था कि इस बकरे पर बिसमिल्लाह लिखा हुआ है लेकिन तस्वीर अपलोड करने वाले शख्स ने बकरा बेचने से मना कर दिया। उसका कहना था कि ढाई साल तक बकरे को लाड़ प्यार से पाला है। बकरे की कुर्बानी वह खुद करेंगे।
इनकी सुनें
बाजार में बकरे बहुत महंगे बिके हैं। आठ हजार रुपये का बिकने वाला बकरा 10 से 12 हजार रुपए तक का बेच रहे हैं। बाजार में बकरा खरीदने आए थे मगर जेब के मुताबिक कोई बकरा नहीं दिखा। कोरोना की वजह से पहले ही कारोबार ठप्प है। -शकील, खरीदार
देहात की मंडियों में ही बकरे नहीं हैं तो शहर में बकरा महंगा होगा ही। बाहर से पशु व्यापारी भी नहीं आ रहे हैं जिसकी वजह से कीमतें अधिक हैं। अभी दो दिन का कारोबार बचा है। इसलिए बाजार में आए हैं। -इसरार,पशु कारोबारी
बकरे का चारा भी महंगा हो गया है। पीछे से ही अधिक कीमतें अदा करके बकरे खरीदें है लिहाजा शहर के बाजार में बकरे महंगे लाकर बेच रहे हैं। बहुत सारे लोगों ने बकरा न खरीदकर बड़े जानवर में हिस्सा लिया है। -सलमान, पशु कारोबारी
