बरेली: गंदगी मुक्त गांव बनाने को अब कचरा प्रबंधन पर भी जोर
बरेली, अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएमजी) के पहले चरण में शौचालयों के निर्माण के बाद अब ग्राम पंचायतों का जोर अब ठोस एवं तरल कचरा के प्रबंधन पर रहेगा। केंद्र सरकार ने वैसे तो इसी साल चार मार्च को ही दूसरे चरण की शुरुआत कर दी थी लेकिन कोरोना की वजह से काम …
बरेली, अमृत विचार। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण (एसबीएमजी) के पहले चरण में शौचालयों के निर्माण के बाद अब ग्राम पंचायतों का जोर अब ठोस एवं तरल कचरा के प्रबंधन पर रहेगा। केंद्र सरकार ने वैसे तो इसी साल चार मार्च को ही दूसरे चरण की शुरुआत कर दी थी लेकिन कोरोना की वजह से काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया।
पंचायती राज विभाग के अफसरों के मुताबिक जनपद में करीब चार लाख शौचालय बनाए गए हैं। दूसरे चरण में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई परिवार ऐसा न हो जिसके घर में शौचालय न हो। साथ ही प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रभावी ठोस और तरल कचरा स्थापित करने पर भी काम होगा।
दूसरा चरण 2021-22 से 2024-25 तक मिशन मोड में लागू किया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों और राजस्व ग्रामों में शौचालय विहीन पात्र परिवार को चिह्नित कर सूची तैयार करने के निर्देश हैं। डीपीआरओ धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक छूट लोगों को शौचालय दिलाने को सत्यापन चल रहा है। कचरा प्रबंधन को लेकर भी तैयारी है।
अनुदान के रूप में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की धनराशि नए पात्र परिवारों को दी जाएगी। ऐसे परिवारों, व्यक्तिगत लाभार्थियों के आधार नंबर सहित अन्य विवरण भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। ग्राम पंचायतों को ग्रामीण स्तर पर सामुदायिक स्वच्छता परिसर के निर्माण (सीएमएससी) के लिए वित्तीय सहायता को बढ़ाकर दो लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दिया गया है।
एसबीएमजी-2 के दूसरे चरण में ग्राम पंचायतों में जल निकासी एवं कचरा प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर रहेगा। इसके लिए जल्द ही सर्वेक्षण कर डाटा बैंक बनाया जाएगा ताकि योजना बनाकर क्रियान्वयन कराया जा सके। निर्मित सामुदायिक परिसंपत्तियों की प्रगति भारत सरकार के विकसित किए गए नए मोबाइल एप पर जांची जाएगी।
