बरेली: शासन ने स्वास्थ्य विभाग से मांगी मृत नवजातों की सूचना
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने और बच्चों पर उसका प्रभाव अधिक होने की आशंका को देखते हुए शासन ने बीते तीन सालों में जिले में नवजात शिशुओं और बच्चों की मौत का आंकड़ा मांगा है। शासन स्तर से एसएनसीयू, एनबीएसयू और पीड्रियाट्रिक आईसीयू में दम तोड़ने वाले बच्चों का रिकार्ड मांगा …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर आने और बच्चों पर उसका प्रभाव अधिक होने की आशंका को देखते हुए शासन ने बीते तीन सालों में जिले में नवजात शिशुओं और बच्चों की मौत का आंकड़ा मांगा है। शासन स्तर से एसएनसीयू, एनबीएसयू और पीड्रियाट्रिक आईसीयू में दम तोड़ने वाले बच्चों का रिकार्ड मांगा गया है।

सीएमओ बलवीर सिंह ने जिला सर्विलांस अधिकारी को रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए शासन की ओर से जिले में पीकू वार्ड बनाए जा रहे हैं। 300 बेड अस्पताल व पांच सीएचसी में भी पीकू वार्ड बनाए गए हैं। अब शासन ने सभी जिलों से नवजात शिशुओं और बच्चों की मौतों की जानकारी मांगी है। शासन ने जिले में बीते तीन साल से अस्पतालों में मृत बच्चों के साथ ही एसएनसीयू व एनीएसयू से हुई मौतों का अलग-अलग रिपोर्ट मांगी है।

452 बच्चों की हुई मौत
महिला अस्पताल में एसएनसीयू संचालित किया जा रहा है। एनबीएसयू और पीड्रियाट्रिक आईसीयू की सुविधा किसी सरकारी अस्पताल में अभी नहीं है। महिला अस्पताल में पिछले तीन साल में 452 बच्चों की मौत हुई है। महिला अस्पताल में एसएनसीयू का संचालन भी करीब दो साल से हो रहा है।

जिला सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक कुमार ने बताया कि शासन ने नवजात शिशुओं और बच्चों की मौत का रिकार्ड मांगा है। रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
