बरेली: ऋण वसूली में प्रदेश में पहले स्थान पर बरेली मंडल
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में कारोबार थमने से ऋण अदा नहीं करने वालों से जहां बैंक परेशान है। वहीं भूमि विकास बैंक के नाम से जाने वाले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक ने 77 करोड़ रुपये की वसूली कर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ दिया। वित्तिय वर्ष 2020-21 में तीन गुना तक रिकवरी हुई। …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में कारोबार थमने से ऋण अदा नहीं करने वालों से जहां बैंक परेशान है। वहीं भूमि विकास बैंक के नाम से जाने वाले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक ने 77 करोड़ रुपये की वसूली कर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ दिया। वित्तिय वर्ष 2020-21 में तीन गुना तक रिकवरी हुई। अधिकारी ऋण वसूली मामले में बड़ी कामयाबी के साथ बेहतरी की उम्मीद जता रहे हैं।
मंडल की बात करें जनपद के 54,085 किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की 35 शाखाओं ने 280.96 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। यह कर्ज डेयरी, उद्यानीकरण, मुर्गी पालन, फूलों की खेती और कृषि यंत्रों को खरीदने के लिए दिया गया था। किसानों ने समय पर अपना ऋण जमा नहीं कराया तो बैंक ने किसानों को नोटिस भेजकर जल्द से जल्द कर्ज का भुगतान करने के लिए कहा लेकिन बड़ी संख्या में किसानों ने कर्ज माफ की आस में भुगतान नहीं किया।
इसकी रिपोर्ट जब शासन को भेजी गई तो प्रबंध निदेशक के निर्देश पर क्षेत्रीय प्रबंधक अविनाश सचान की अगुवाई में वसूली को लेकर योजनाबद्ध तरीके से रणनीति बनी। कोरोना की दूसरी लहर में तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए बैंक ने पिछले कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 30 जून तक जिले की कुल डिमांड 280.96 करोड़ रुपये के सापेक्ष 77.02 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो ऐतिहासिक है। इसके साथ ही ऋण वसूली में बरेली मंडल पहला स्थान पर है।
5161 बकायदारों को आरसी भी की गई आरसी
कोरोना काल में कर्ज की अदायगी न करने वाले 5161 बकायदारों को बैंक आरसी जारी कर चुका है, जबकि 6500 की जमीन नीलामी की तैयारी है। दूसरी तरफ सरकारी देय की वसूली के लिए उत्तर प्रदेश ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की तरफ से किसानों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है। बैंक की तरफ से बकायदारों के लिए एकमुश्त समाधान योजना चलाई जा रही है। विभागीय कर्मी भी कर्ज वसूली के लिए किसानों के घरों में दस्तक दे रहे हैं। योजना में समस्त बकाया पर 30 से 100 फीसदी तक ब्याज में छूट दी जा रही है। किसान 25 फीसदी जमा कर एकमुश्त समझौते के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। शेष धनराशि ब्याज सहित 45 दिन में जमा करनी होगी लेकिन बड़ी संख्या में किसान अब भी ऋण माफी योजना की उम्मीद में कर्ज अदा करने से बच रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक क्षेत्रीय प्रबंधक अविनाश सचान ने बताया कि कोरोना महामारी ने जमकर कहर बरपाया फिर भी बैंक की तरफ से किसानों से ऋण वसूली की प्रक्रिया चलती रही। 30 जून को बैंक के वित्तिय वर्ष समापन के साथ ही 77 करोड़ रुपये की वसूली से प्रदेश में बरेली मंडल को पहला स्थान मिला है। यह हमारे बैंक के सहयोगी सभी अधिकारी व कर्मचारियों के लिए गर्व की बात है। एकमुश्त योजना द्वारा किसानों को लगातार ऋण जमा करने की अपील की जा रही है।
