Pegasus: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के Budget से जासूसी की कड़ियां जोड़ रही ‘Congress’
नई दिल्ली। कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि साल 2017-18 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिवालय के बजट में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई और यह उस वक्त हुआ जब ‘पेगासस जासूसी प्रकरण’ आरंभ हुआ था। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यह सवाल भी किया कि क्या ‘पेगासस जासूसी प्रकरण’ के कारण ही …
नई दिल्ली। कांग्रेस ने शुक्रवार को दावा किया कि साल 2017-18 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिवालय के बजट में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई और यह उस वक्त हुआ जब ‘पेगासस जासूसी प्रकरण’ आरंभ हुआ था। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यह सवाल भी किया कि क्या ‘पेगासस जासूसी प्रकरण’ के कारण ही यह बजट बढ़ाया गया?
पवन खेड़ा ने कहा, ”राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिवालय का बजट 2011-12 में 17.43 करोड़ रुपये था। यह सरकार आई तो 2014-15 में इन्होंने उसे 33 करोड़ कर दिया। 2017-18 में चौंकाने वाले तथ्य य़ह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिवालय के तहत एक नयी इकाई जोड़ दी गई और इसका बजट 33 करोड़ से बढ़ा कर 333 करोड़ कर दिया गया यानी 300 प्रतिशत बढ़ा दिया गया।”
उन्होंने सवाल किया, ”2017-18 में, जब ये जासूसी प्रकरण आरंभ हुआ। इसका कारण बताइए कि ये 333 करोड़ आपने क्यों बढ़ाया? ” कांग्रेस नेता ने यह भी पूछा, ”क्या पेगासस सॉफ्टवेयर सरकार या सरकार की किसी एजेंसी ने खरीदा? अगर सरकार ने खरीदा तो क्या उसने अपने ही अधिकारियों, अपने ही राजनेताओं, अपनी पार्टी के नेताओं, पत्रकारों पर पर इस्तेमाल किया?”
