…तो विदेश में मौज काट रहा यूपी का फरार निलंबित आईपीएस अधिकारी, 11 माह बाद भी…

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। यूपी में एक से बढ़कर एक दुर्दांत अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर करने व मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करने वाली पुलिस अपने ही फरार आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार को 11 महीने बाद भी नहीं खोज पायी है। महोबा के पूर्व एसपी रहे पाटीदार पर क्रशर कारोबारी की मौत व भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं …

लखनऊ। यूपी में एक से बढ़कर एक दुर्दांत अपराधियों को एनकाउंटर में ढेर करने व मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार करने वाली पुलिस अपने ही फरार आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार को 11 महीने बाद भी नहीं खोज पायी है। महोबा के पूर्व एसपी रहे पाटीदार पर क्रशर कारोबारी की मौत व भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं और वह निलंबित चल रहे हैं। पुलिस ने उन पर एक लाख रूपए का इनाम घोषित कर रखा है। बावजूद उसके अभी तक पुलिस खाली हाथ है। इतना लंबा समय बीतने के बाद अब पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं, कहा जा रहा है पुलिस अपने आईपीएस अधिकारी को बचाने का प्रयास कर रही है।

वहीं जानकारों का कहना है कि पाटीदार विदेश में मौज काट रहा है। भारत में उसकी कहीं लोकेशन नहीं मिल रही है, इसलिए अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वहीं बीते शुक्रवार को पाटीदार पर एक और मुकदमा दर्ज करवा दिया गया है। सीओ कुलपहाड़ तेज बहादुर सिंह की ओर से दर्ज कराये गये मुकदमें की वजह भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय लखनऊ के आदेश से धारा 81/82 के तहत आरोपित को कोर्ट में 21 जुलाई तक उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया था। इसकी मियाद गुरुवार को पूरी होने पर कोर्ट की अवमानना मानते हुए धारा 174 (ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

10 सितंबर 2020 को दर्ज हुआ था मुकदमा
आरोपित आइपीएस पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में निर्माण के काम से जुड़े ट्रांसपोर्टर पीपी पांडेय ने 10 सितंबर 2020 को महोबा कोतवाली में भ्रष्टाचार का मुकदमा लिखवाया था। इससे पूर्व उन्होंने इस मामले की जुलाई 2020 में मुख्यमंत्री से भी शिकायत की थी। आरोप था कि आरोपित आइपीएस मणिलाल के कहने पर खरेला और खन्ना थाना पुलिस बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे में लगे ट्रकों से वसूली कर रही है।

हर ट्रक​ से दो लाख रूपए वसूली का आरोप 
पाटीदार पर दर्ज एफआईआर के मुताबिक प्रत्येक ट्रक से हर माह दो लाख रुपये की मांग रखी गयी थी। रूपए न देने पर बेवजह थाने में बुलाकर उत्पीडऩ होता था। इसी मामले में खरेला थाने की पुलिस ने पांच ट्रकों को सीज किया था। इनके चालकों पर भी मुकदमा लिखा गया था। बाद में ट्रांसपोर्टर ने शहर कोतवाली में आरोपित आइपीएस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, उसी दिन शासन ने आइपीएस को निलंबित कर दिया था।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी 
मणिलाल पाटीदार की गिरफ्तारी न होने पर मई में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की थी। जिसके बाद महोबा जिले से तीन और प्रयागराज जिलें से दो टीमों को भगोड़े आईपीएस की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। जिसमें एसटीएफ की भी टीम शामिल है। हैरानी की बात है कि पांच-पांच टीमों के लगे होने के बावजूद अभी तक भी फरार आईपीएस गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

आत्महत्या केस का मुख्य आरोपी है मणिलाल
महोबा जिले के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी को 8 सितंबर 2020 को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगी थी। करीब 5 दिन तक कानपुर के एक अस्पताल में इलाज के बाद उनकी 13 सितंबर 2020 को मौत हो गई। इससे पूर्व 7 सिंतबर 2020 को इंद्रकांत ने एक वीडियो जारी कर पाटीदार पर संगीन आरोप लगाते हुए खुद की हत्या की आशंका जताई थी। आरोप लगाया था कि पाटीदार ने कारोबार करने के लिए 6 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। न देने पर हत्या कराने या जेल भेजने की धमकी दी थी। इंद्रकांत की मौत के बाद उनके भाई रविकांत ने महोबा के पूर्व SP मणिलाल पाटीदार, कबरही थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर देवेंद्र और कांस्टेबल अरुण और दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

मणिलाल पाटीदार आत्महत्या और भ्रष्टाचार मामले में आरोपी हैं, उनकी तलाश में हमारी टीम हैं, इसके साथ ही एसटीएफ भी लगी है, सभी ठिकानों पर छापेमारी की गयी है, अब लगता है कि वह विदेश भागने में सफल हुए हैं। – सुधा सिंह एसपी महोबा

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