रामपुर: रास्ते का बटाईदार बनकर बेचा बिचौलियों का लाखों रुपये का गेहूं
रामपुर, अमृत विचार। गेहूं खरीद योजना में एक और घोटाला सामने आया है। शाहबाद क्षेत्र के बिचौलियों ने टांडा तहसील के रजपुरा टांडा गांव स्थित रेशम विभाग, बस्ती, बंजर, परिक्रमा मार्ग और ग्राम प्रधान के बेटे सहित कई बड़े काश्तकारों की जमीन बटाई में करना दिखाकर सस्ते में खरीदा गया गेहूं पीसीएफ के पटवाई क्रय …
रामपुर, अमृत विचार। गेहूं खरीद योजना में एक और घोटाला सामने आया है। शाहबाद क्षेत्र के बिचौलियों ने टांडा तहसील के रजपुरा टांडा गांव स्थित रेशम विभाग, बस्ती, बंजर, परिक्रमा मार्ग और ग्राम प्रधान के बेटे सहित कई बड़े काश्तकारों की जमीन बटाई में करना दिखाकर सस्ते में खरीदा गया गेहूं पीसीएफ के पटवाई क्रय केंद्र पर न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत बेच दिया, जबकि जिन किसानों की जमीन बटाई में करना दर्शाया है वह इन लोगों को जानते तक नहीं हैं। रेशम विभाग की जमीन कई साल से गांव के ही लोगों के कब्जे में है। यह घोटाला गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे भारतीय किसान यूनियन के धरना प्रदर्शन में भी उठाया गया है।
गेहूं खरीद में घपले की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। किरा उपभोक्ता सहकारी समिति द्वारा संचालित पीसीएफ के पटवाई क्रय केंद्र पर 287 किसानों से 14 970 कुंतल यानी 65 ट्रक गेहूं की खरीद की गई। इनमें अधिकतर गेहूं फर्जी बटाईदार दर्शाकर बिचौलियों और व्यापारियों का खरीदा गया है। उदाहरण के तौर पर टांडा तहसील क्षेत्र के रजपुरा टांडा गांव का हवाला दिया जा रहा है।
शाहबाद तहसील क्षेत्र के नरखेड़ी गांव के कारन सिंह पुत्र दया राम ने रजपुरा टांडा स्थित रेशम विभाग की खाता संख्या 101, बिचपुरी संग्रामपुर के कल्लू पुत्र मुद्ददी ने परिक्रमा मार्ग खाता संख्या 97, बस्ती खाता संख्या 98, मथुरापुर की लज्जा पत्नी भगवानदास ने बंजर भूमि खाता संख्या 92, रामनारायण पुत्र नोनी राम ने ग्राम प्रधान सुच्चा सिंह के पुत्र परमजीत सिंह की खाता संख्या 6 पटवाई के ही महेंद्र सिंह पुत्र नत्थू ने करमजीत कौर की खाता संख्या 7, कमालपुर के वीरपाल पुत्र छेदा लाल ने राजपुरा टांडा के गुरविंदर सिंह, निर्मलकौर, राजेंद्र सिंह, रंजीत सिंह, सादा सिंह की खाता संख्या 21, 22, 23 भूमि बटाई में करना दर्शाकर अपने नाम पर व्यापारियों का दो ट्रक गेहूं सरकारी रेट पर बेच दिया।
बाकी 40 से ज्यादा ट्रक गेहूं शाहबाद क्षेत्र के किसानों की जमीन फर्जी तरीके से बटाई में करना दर्शाकर बेचा गया। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने यह मुद्दा सोमवार को गाजीपुर बॉर्डर पर उठाया। हसीब ने बताया कि दिल्ली से लौटने के बाद वह जिला अधिकारी को घपले के सारे साक्ष्य मुहैया कराकर जांच कराने की मांग करेंगे।
रजपुरा टांडा के प्रधान डीएम से शिकायत करेंगे
रजपुरा टांडा के प्रधान सुच्चा सिंह ने बताया कि शाहाबाद क्षेत्र के जिन लोगों ने उनके गांव की सरकारी और किसानों की जमीन बटाई में करना दर्शाकर पटवाई क्रय केंद्र पर व्यापारियों का गेहूं तुलवाया है वह उनको जानते तक नहीं हैं। उनके गांव के सभी किसान अपनी जमीन खुद करते हैं। बिचौलियों ने उनके बेटे के नाम की भी जमीन बटाई में करना दर्शाकर फर्जीवाड़ा किया है। रेशम विभाग की जमीन कई साल से गांव के ही लोग जोत रहे हैं।
बिचौलियों ने पंजीकरण में उनके गांव की आबादी और परिक्रमा मार्ग का भी हवाला देकर फर्जी तरीके से सरकारी क्रय केंद्र पर गेहूं तुलवा दिया। उनके गांव की जमीन का बटाईदारी में फर्जी पंजीकरण कराने से उनके गांव के किसान एमएसपी के तहत अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं बेच सके। वह किसानों को साथ लेकर इसकी शिकायत जिलाधिकारी से करेंगे।
उत्तराखंड बार्डर पर रजपुरा टांडा, पटवाई से 70 किमी है दूरी
रजपुरा टांडा गांव उत्तराखंड बॉर्डर पर बसा है। गांव की आबादी काफी कम है। गांव में ज्यादातर लोग सिख समुदाय के रहते हैं जो अपनी खेती खुद करते हैं। राजपुरा टांडा और पटवाई की दूरी लगभग 70 किलोमीटर है। जिन लोगों ने रजपुरा टांडा के किसानों की जमीन बटाई में करना दर्शाया है वह पटवाई क्षेत्र के ही हैं। रजपुरा टांडा के किसान इन लोगों को जानते तक नहीं हैं और न ही इनसे कोई वास्ता-ताल्लुक है।
लाखों रुपये की एमएसपी हड़पने को किया है खेल
राजस्व अभिलेखों में रेशम विभाग, बस्ती और परिक्रमा मार्ग श्रेणी 6-2 आकृषिक भूमि में दर्ज है। ऐसी भूमि सड़क, रेलवे, सरकारी भवन और अन्य आकृषिक उपयोगों में लाई जाती है, लेकिन बिचौलियों ने ऐसी भूमि जिसमें खेती नहीं की जा सकती उसे भी बटाई में करना दर्शाकर खरीद पंजीकरण कराया। उसके बाद कमाई के चक्कर में किसानों से सस्ते में खरीदा गया गया गेहूं एमएसपी के तहत पटवाई क्रय केंद्र पर बेच दिया। लाखों रुपये की एमएसपी हड़पने के लिए यह खेल किया गया है।
