बरेली: 3 अक्टूबर को होगा जेईई एडवांस्ड, 60 दिन में इस तरह करें प्रिपेरेशन

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शशांक अग्रवाल, अमृत विचार। इंजीनियरिंग करने के इच्छुक हर स्टूडेंट का सपना होता है कि देश के बेस्ट आईआईटी में एडमिशन मिल जाए। अब, आईआईटी में जाने का रास्ता खुल गया है। मंगलवार को जेईई एडवांस की एग्जाम डेट की घोषणा की गई। इस बार यह एग्जाम 3 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए …

शशांक अग्रवाल, अमृत विचार। इंजीनियरिंग करने के इच्छुक हर स्टूडेंट का सपना होता है कि देश के बेस्ट आईआईटी में एडमिशन मिल जाए। अब, आईआईटी में जाने का रास्ता खुल गया है। मंगलवार को जेईई एडवांस की एग्जाम डेट की घोषणा की गई। इस बार यह एग्जाम 3 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के पास अब करीब 60 दिन का समय बचा है, जिसमें वे अपनी फाइनल प्रिपेरेशन कर सकते हैं। वहीं, 25 अगस्त से 2 सितंबर तक जेईई-मेन्स के लास्ट टर्म के एग्जाम भी हैं, जिसके लिए स्टूडेंट्स के पास एक महीन का समय बचा है। किस तरह की स्टडी स्टडी स्ट्रेटेजी फॉलो करें स्टूडेंट्स जाने एक्सपर्ट्स से…

टफ नहीं ट्रिकी होता है पेपर

एक्पर्ट वीके मिश्रा ने बताया कि अभी तक स्टूडेंट्स जेईई मेन्स की तैयारियों में बिजी थे, लेकिन उन्हें अपनी बॉडी क्लॉक पर एडजेंसट करने पर ध्यान देना शुरू करना होगा। एडवांस्ड के पैटर्न में ही सुबह 10 से 1 और दोपहर 2 से 5 के बीच पढ़ाई करना शुरू कर दें, ताकि 7 घंटे लगातार एग्जाम हॉल में बैठने के लिए बॉडी तैयार हो। सिटिंग हैबिट के साथ अब स्टूडेंट्स को हाइब्रिड सवाल सॉल्वा करने होंगे। मेन्स के कारण सिलेबस तो पूरा कम्पलीट है ही, लेकिन अब किसी एक टॉपिक से सवाल नहीं आएंगे।

जेईई एडवांस्ड में हर साल की तरह इस बार भी कुछ सरप्राइज पैटर्न देखने को मिलेगा। लेकिन, एक जो सबसे कॉमन फैक्टर है, वह यह कि इसमें हाईब्रिड कॉन्सेप्ट के सवाल पूछे जाते हैं। पम्युटेशन-कॉम्बिनेशन के साथ 3-डी का सवाल पूछ लिया जाएगा, या कॉन्टिन्यूटी के सवाल में डिफरेंशियल का कॉन्सेप्ट भी इस्तेमाल होगा। सप्ताह में 3 मॉक टेस्ट जरूर दें, ताकि एक्यूरेसी की प्रैक्टिस हो सके। टारगेट करें कि, इन 60 दिनों में 25 से 30 मॉक टेस्ट जरूर साॅल्व करें।

90 परसेंटाइल होगा मेंन्स का कटऑफ

एक्सपर्ट सुधांशु ने कहा, जुलाई में हुई जेईई मेन्स परीक्षा के सवालों का एनालिसिस करें तो समझ में आता है कि केमेस्ट्री में ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक पर ही पूरा फोकस था। ज्यादातर सवाल एनसीईआरटी आधारित पूछे गए, अगर तैयारियों में एनसीईआरटी पर फोकस बढ़ाया जाए, तो केमेस्ट्री आराम से निकल जाएगी। फिजिक्स में इलेक्ट्रो मैग्नेटिज्म और मॉडर्न फिजिक्स के सवाल ज्यादा पूछे गए और मैथ्स में कोआर्डिनेशन जेमेट्री, 3-डी वेक्टर, इंटीग्रेशन और डिफरेंशियल ईक्वेशंस को जरूर ध्यान से पढ़ लें। इस सेशन में अपीयर स्टूडेंट्स के लिए 90 परसेंटाइल कटऑफ जा सकता है।

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