बरेली: हादसों के बाद अब जर्जर तार बदलवाने की तैयारी, सर्वे होगा
बरेली, अमृत विचार। शहर के कई मोहल्लों और कॉलोनी में बिजली के जर्जर तार हादसे को न्योता दे रहे हैं। जर्जर हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से एक सप्ताह में दो लोगों की जान जा चुकी है। जिसके बाद अब विद्युत निगम की नींद टूटी है। शहर अधीक्षण अभियंता ने बताया कि शहर में सर्वे कराकर …
बरेली, अमृत विचार। शहर के कई मोहल्लों और कॉलोनी में बिजली के जर्जर तार हादसे को न्योता दे रहे हैं। जर्जर हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से एक सप्ताह में दो लोगों की जान जा चुकी है। जिसके बाद अब विद्युत निगम की नींद टूटी है। शहर अधीक्षण अभियंता ने बताया कि शहर में सर्वे कराकर बिजली के जर्जर तार को बदलवाया जाएगा। कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बारिश के मौसम में अलर्ट रहने के निर्देश दिए है। मलूकपुर में युवक की मौत के बाद अभी तक बिजली के जर्जर तारों को नहीं बदलवाया गया है।
शहर में सड़कों पर निकलना मतलब जान हथेली पर लेकर घूमना है। हर पल सिर पर मौत मंडरा रही है, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाही की चादर ओढ़े हुए हैं। हर महीने सुविधाओं के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत दावों को खोखला साबित कर रही है। आए दिन टूटने वाले तारों को लेकर परेशान लोगों की शिकायतों को भी विभाग नजरअंदाज कर रहा है। दुर्गा नगर कॉलोनी, संजयनगर, मलूकपुर, सुभाषनगर, ग्रीनपार्क और नवादा शेखान, चकमहमूद समेत कई जगह पर बिजली के झूलते और जर्जर तार की वजह से हादसे हो चुके हैं।
मलूकपुर से अभी तक नहीं हटाई गई जर्जर लाइन
पिछले सप्ताह किला क्षेत्र के मलूकपुर के शमशाद पेंटर की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से मौत हो गई थी। क्षेत्र के लोगों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। इसके बाद अधिकारियों ने जल्द ही जर्जर तार बदलने का आश्वासन दिया था मगर अभी तक उसे नहीं बदलवाया गया है। जनसेवा टीम के अध्यक्ष पम्मी खान वारसी ने कहा कि विद्युत विभाग की लापरवाही और जुगाड़ू अव्यवस्था के चलते शहर में हादसे हो रहे हैं। हाईटेंशन लाइन हादसों का शिकार हुए हैं। विभाग उनके परिजनों को उचित मुआवजा दे और खराब व्यवस्थाओ को दुरुस्त कराये।
क्रिस्टल कॉलोनी में करंट लगने से तीन मजदूरों की हुई थी मौत
ग्रीन पार्क कालोनी के पास क्रिस्टल कॉलोनी में 29 जनवरी 2019 को जीओ का पोल लगाते समय तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। बिजली का पोल लगाते समय ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से खंभा टच हो गया। जिससे मजदूरों को करंट लग गया था। इससे वे बुरी तरह से झुलस गए और बाद में उनकी मौत हो गई थी। उसके बाद हाईटेंशन लाइन को ऊपर करने का निर्देश दिया था मगर अभी तक उसे भी ऊपर नहीं किया गया है।
शहर में जर्जर हाइटेंशन विद्युत लाइन टूटकर युवक पर गिरने की एक सप्ताह में ये दूसरी घटना है। मलूकपुर की घटना के बाद हमने ऊर्जा मंत्री को ट्वीट कर ध्यानाकर्षित कराया था लेकिन फिर भी ध्यान नहीं दिया गया। विद्युत विभाग के भ्रष्ट, गैर-जिम्मेदार अफसरान और कर्मचारियों पर ‘हत्या’ की रिपोर्ट होना चाहिए। मृतकों के परिवार को इनके वेतन से मुआजवा मिलना चाहिए ना कि विभाग के फंड (पब्लिक मनी) से। हर साल बिजली की लाईनों, उपकरणों के रख-रखाव (मेंटिनेंस) के लिए मिलने वाली करोड़ों की राशि अफसरान-कर्मचारियों में ‘बंदरबांट’ का शिकार हो जाती है। शासन से हमारी मांग है कि पिछले पांच वर्षों में हुई इन मौंतों, जर्जर बिजली तारों के बदलने, मेंटिनेंस, उपकरणों की मरम्मत, नये उपकरणों की खरीद और स्क्रेप बिक्री की केंद्रीय ऐजेंसी से उच्चस्तरीय जांच करायी जाए, मृतक कमलजीत के परिजनों को तत्काल एक करोड़ का मुआवजा दिया जाऐ। ▪️मुहम्मद खालिद जीलानी (उपभोक्ता, बिजली मामलों के वकील एंव आरटीआई एक्टिविस्ट)
हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर युवक की मौत की सूचना मिली है। शहर में सभी जगह का निरीक्षण कराकर जर्जर बिजली की लाइनों को बदलवाया जाएगा। – विकास सिंघल, विद्युत शहर अधीक्षण अभियंता
बरेली: पैकिंग पर लिखा आयोडीन युक्त नमक, ब्रांड और गुणवत्ता का पता नहीं
