कोविड बीप से कोरोना संक्रमित मरीजों की निगरानी की जा सकेगी, जानिए कैसे ?
नई दिल्ली। सरकार ने लोकसभा में कहा कि ‘कोविड बीप’ भारत की पहली स्वदेशी और किफायती वायरलेस शारीरिक मापदंडों की निगरानी प्रणाली है जिससे कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की देखभाल की जा सकती है। लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि …
नई दिल्ली। सरकार ने लोकसभा में कहा कि ‘कोविड बीप’ भारत की पहली स्वदेशी और किफायती वायरलेस शारीरिक मापदंडों की निगरानी प्रणाली है जिससे कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की देखभाल की जा सकती है।
लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि ‘कोविड बीप’ हैदराबाद के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की ओर से विकसित एक उपकरण है। इसे पिछले वर्ष जून में तैयार किया गया था।
उन्होंने कहा, “कोविड बीप कलाई में पहना जाने वाला एक स्वदेशी उपकरण है जो एक मोबाइल एप से जुड़ा है। इसके माध्यम से किसी भी स्थान से कोविड रोगियों और कोरोना से ठीक हो चुके लोगों की निगरानी की जा सकती है। यह उपकरण रिमोट या मोबाइल से जुड़ सकता है। इसमें जीपीएस प्रणाली है जिससे रोगियों को ट्रैक किया जा सकता है।
जितेंद्र सिंह ने कहा, “कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मीयों के ऊपर रोगियों के संपर्क में आने की वजह से खतरा बना रहता है। इसके अलावा आइसोलेशन में रह रहे मरीज़ों की देखभाल भी मुश्किल होती है। इन सब चुनौतियों को कम करने और इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में यह उपकरण लाभकारी है।
” उन्होंने कहा, “फिलहाल 40 ‘कोविड बीप’ की हैदराबाद के सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल और फीडबैक के लिये आपूर्ति की गयी है। अगस्त 2021 तक 100 ‘कोविड बीप’ तैयार किये जा रहे हैं।”
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